नरसिंहपुर में 6 महीने से राशन नहीं मिलने का आरोप, पर्ची कटने के बाद भी गरीब परिवार परेशान
मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को लेकर गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां गरीब परिवारों ने आरोप लगाया है कि उन्हें पिछले छह महीने से राशन नहीं मिल रहा है। राशन की पर्ची कटने के बावजूद पात्र परिवार अनाज के लिए परेशान हैं। लंबे समय से राशन नहीं मिलने के कारण आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के सामने भोजन का संकट खड़ा होने की बात कही जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि वे कई बार राशन दुकान और संबंधित अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है। इसके चलते गरीब परिवारों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
पर्ची कटने के बाद भी नहीं मिला अनाज
पीड़ित परिवारों का कहना है कि राशन लेने के लिए उनकी पर्ची भी कट रही है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें निर्धारित खाद्यान्न उपलब्ध नहीं कराया जा रहा। लोगों के मुताबिक, हर महीने राशन मिलने की उम्मीद में वे उचित मूल्य की दुकान पर पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ता है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि लगातार छह महीने तक राशन नहीं मिलने से उनके लिए परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। जिन परिवारों की आर्थिक स्थिति पहले से कमजोर है, उनके लिए बाजार से महंगे दाम पर अनाज खरीदना आसान नहीं है।
गरीब परिवारों की बढ़ी परेशानी
सरकार की राशन व्यवस्था का उद्देश्य जरूरतमंद और पात्र परिवारों को कम कीमत पर खाद्यान्न उपलब्ध कराना है। ऐसे में यदि पात्र परिवारों को लंबे समय तक राशन नहीं मिलता है तो इसका सीधा असर उनकी रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है।
पीड़ित परिवारों का कहना है कि राशन नहीं मिलने के कारण उन्हें उधार लेकर या अपनी सीमित आय से बाजार से अनाज खरीदना पड़ रहा है। इससे परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
जिम्मेदारों से कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मामले की जांच कराने और पात्र परिवारों को बकाया राशन दिलाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि राशन वितरण व्यवस्था में यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी या लापरवाही हो रही है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
लोगों ने मांग की है कि अधिकारियों द्वारा राशन दुकान के रिकॉर्ड की जांच की जाए और यह पता लगाया जाए कि जिन परिवारों की पर्ची जारी हुई है, उन्हें खाद्यान्न क्यों नहीं मिला।
जांच के बाद सामने आएगी असली वजह
छह महीने से राशन नहीं मिलने के आरोपों के पीछे वास्तविक कारण क्या है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। प्रशासन की ओर से राशन वितरण रिकॉर्ड, पात्रता सूची और पर्चियों की जांच की जा सकती है।
यदि रिकॉर्ड में राशन वितरण दिखाया गया है, लेकिन लाभार्थियों को वास्तव में अनाज नहीं मिला, तो मामला और गंभीर हो सकता है। वहीं तकनीकी या प्रशासनिक कारणों से वितरण प्रभावित हुआ है तो उसे भी तत्काल दूर करने की जरूरत है।