धीरेंद्र शास्त्री पर गरजे अखिलेश यादव: बोले- सनातनी लोगों के बुलडोजर कहां चले गए? MP के CM मोहन यादव यूपी से किराये पर बुलडोजर ले जाएं
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयानों को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण को लेकर की गई कथित टिप्पणियों पर नाराजगी जताते हुए अखिलेश ने कहा कि ऐसे लोगों के कार्यक्रमों पर रोक लगनी चाहिए। उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव का नाम लेते हुए तंज कसा कि उन्हें उत्तर प्रदेश से बुलडोजर किराये पर लेकर ऐसे बाबा के आश्रम पर चलवा देना चाहिए।
अखिलेश यादव मंगलवार, 3 नवंबर को वाराणसी पहुंचे थे। यहां मीडिया से बातचीत के दौरान उनसे धीरेंद्र शास्त्री के बयानों को लेकर सवाल किया गया। इस पर उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण और भगवान श्रीराम के बारे में अपमानजनक बातें करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
'सनातनी लोगों के बुलडोजर कहां चले गए?'
अखिलेश यादव ने कहा कि जो लोग खुद को सनातनी बताते हैं, उन्हें ऐसे मामलों पर अपनी प्रतिक्रिया देनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि भगवान श्रीकृष्ण के कथित अपमान पर सनातनी समाज के लोग चुप क्यों हैं और उनके बुलडोजर कहां चले गए?
उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव पर भी तंज कसा। अखिलेश ने कहा कि मुख्यमंत्री का नाम मोहन यादव है, इसलिए उन्हें उत्तर प्रदेश से बुलडोजर किराये पर लेकर ऐसे आश्रम पर भेज देना चाहिए, जहां भगवान श्रीकृष्ण को लेकर इस तरह की बातें कही गई हैं।
सपा प्रमुख ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ही नहीं, भगवान श्रीराम और उनके पिता को लेकर भी आपत्तिजनक बातें सामने आई हैं। ऐसे बयानों को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
धीरेंद्र शास्त्री के किस बयान पर हुआ विवाद?
दरअसल, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है। इसमें वह भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण की तुलना करते हुए दिखाई दे रहे हैं। उनके कथित बयान को लेकर कृष्ण भक्तों और कई संगठनों ने आपत्ति जताई थी।
विवाद बढ़ने के बाद धीरेंद्र शास्त्री ने वीडियो जारी कर सफाई दी और कहा कि उनका उद्देश्य भगवान श्रीकृष्ण का अपमान करना नहीं था। उन्होंने अपनी बात को विनोद और प्रेम के भाव में कही गई टिप्पणी बताया। साथ ही किसी की भावनाएं आहत हुई हों तो क्षमा मांगी।
अखिलेश बोले- कार्यक्रमों पर लगे स्थायी रोक
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि मानवीय भूलों के लिए क्षमा किया जा सकता है, लेकिन धार्मिक आस्थाओं को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणियों को सामान्य नहीं माना जाना चाहिए।उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री के कार्यक्रमों को रद्द करने, भविष्य में नए कार्यक्रमों की अनुमति नहीं देने और वैधानिक कार्रवाई करने की मांग की। अखिलेश ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों से सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है।
काशी विश्वनाथ और बुलडोजर कार्रवाई का भी किया जिक्र
वाराणसी में बातचीत के दौरान अखिलेश यादव से काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन को लेकर भी सवाल पूछा गया। इस पर उन्होंने दालमंडी में हुई बुलडोजर कार्रवाई की तस्वीर दिखाते हुए कहा कि लोग उस कार्रवाई को भूल नहीं सकते।
उन्होंने वाराणसी के विकास, यातायात और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। इस दौरान 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों और काशी में समाजवादी पार्टी की रणनीति से जुड़े सवालों पर भी उन्होंने जवाब दिए।इस तरह धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक बयानबाजी का विषय बन गया है। एक ओर अखिलेश यादव ने उनके कार्यक्रमों पर रोक और कार्रवाई की मांग की है, वहीं धीरेंद्र शास्त्री अपनी टिप्पणी पर सफाई देते हुए माफी मांग चुके हैं।