सिंहस्थ में सुरक्षा के लिए AI तकनीक का सहारा, 30 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन का अनुमान
आगामी सिंहस्थ को लेकर प्रशासन और पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार अनुमान है कि करीब 30 करोड़ श्रद्धालु आयोजन में शामिल हो सकते हैं, जिससे इसे अब तक का सबसे बड़ा धार्मिक समागम माना जा रहा है।
सिंहस्थ के दौरान 13 अखाड़ों, महामंडलेश्वरों, संत-महंतों, वीआईपी और आम श्रद्धालुओं का मूवमेंट लगातार 24 घंटे सातों दिन बना रहेगा। इतने बड़े स्तर पर भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होगी।
इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक की मदद से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी की है। इस तकनीक का उपयोग संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान, भीड़ की निगरानी और रियल टाइम अलर्ट सिस्टम के लिए किया जाएगा।
मध्य प्रदेश पुलिस का मानना है कि AI आधारित सिस्टम से भीड़ में मौजूद संदिग्ध गतिविधियों पर तेजी से नजर रखी जा सकेगी और किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सकेगा।
इसके अलावा, प्रमुख घाटों, मार्गों और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन की मदद से लगातार निगरानी रखी जाएगी। कंट्रोल रूम से पूरे आयोजन पर 24 घंटे नजर रखी जाएगी।
उज्जैन प्रशासन ने सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय बढ़ाते हुए व्यापक स्तर पर योजना तैयार की है, ताकि करोड़ों श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम अनुभव मिल सके।
अधिकारियों के अनुसार, इस तकनीकी पहल से न केवल सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी बल्कि भीड़ प्रबंधन भी अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।