महाकाल लोक के बाद बढ़ी श्रद्धालुओं की संख्या, अब उज्जैन दर्शन बस योजना से मंदिरों तक पहुंचेंगे भक्त
उज्जैन में महाकाल लोक के निर्माण के बाद श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले भक्त महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के साथ शहर के अन्य प्रमुख मंदिरों और धार्मिक-पौराणिक स्थलों तक भी पहुंचना चाहते हैं। श्रद्धालुओं की इसी जरूरत को देखते हुए सरकार अब उज्जैन दर्शन बस योजना शुरू करने की तैयारी कर रही है।
इस योजना के तहत श्रद्धालुओं को शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंचाने के लिए बस सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। इसका उद्देश्य उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं को एक ही व्यवस्था के जरिए कई प्रमुख मंदिरों और पौराणिक स्थलों के दर्शन कराने की सुविधा देना है। इससे बाहर से आने वाले यात्रियों को अलग-अलग स्थानों तक पहुंचने के लिए परिवहन की व्यवस्था करने में होने वाली परेशानी कम हो सकती है।
उज्जैन में महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के अलावा कई ऐसे धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल हैं, जहां देशभर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। महाकाल लोक के विकसित होने के बाद शहर में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिला है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु महाकाल मंदिर में दर्शन करने के बाद हरसिद्धि मंदिर, काल भैरव मंदिर, मंगलनाथ मंदिर, गढ़कालिका मंदिर और अन्य धार्मिक स्थलों का रुख करते हैं।
उज्जैन दर्शन बस योजना के जरिए इन प्रमुख स्थानों को एक व्यवस्थित रूट से जोड़ने की योजना है। इससे श्रद्धालुओं को कम समय में शहर के अधिक से अधिक धार्मिक स्थलों तक पहुंचने का अवसर मिल सकेगा। योजना के संचालन से पहले बस रूट, स्टॉपेज, किराया और समय-सारिणी से जुड़े पहलुओं को अंतिम रूप दिया जाएगा।
सरकार की इस पहल से स्थानीय धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने से होटल, रेस्टोरेंट, परिवहन और अन्य स्थानीय कारोबार से जुड़े लोगों को भी लाभ मिल सकता है। साथ ही शहर में आने वाले पर्यटकों को उज्जैन के धार्मिक महत्व से जुड़े प्रमुख स्थलों को देखने का अवसर मिलेगा। महाकाल लोक के बाद उज्जैन में बढ़ते धार्मिक पर्यटन को देखते हुए यातायात और श्रद्धालुओं की