पशु चिकित्सकों को गाय का घी बताकर बेचा मिलावटी घी! संदेह होने पर थाने पहुंचे डॉक्टर, सैंपल जांच के लिए भेजे
जिले में पशु चिकित्सकों को गाय का शुद्ध घी बताकर कथित तौर पर मिलावटी घी बेचने का मामला सामने आया है। घी की गुणवत्ता को लेकर संदेह होने के बाद पशु चिकित्सकों ने शुक्रवार को मोतीनगर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने खाद्य सुरक्षा प्रशासन को सूचना दी। इसके बाद खाद्य विभाग की टीम थाने पहुंची और घी के सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए।
जानकारी के अनुसार, कुछ पशु चिकित्सकों ने गाय का घी होने की बात कहकर खरीदे गए घी की गुणवत्ता को लेकर संदेह जताया। घी का इस्तेमाल करने के दौरान उन्हें इसकी शुद्धता पर शक हुआ। इसके बाद चिकित्सकों ने मामले की शिकायत पुलिस से करने का निर्णय लिया।
शुक्रवार को पशु चिकित्सक मोतीनगर थाने पहुंचे और पुलिस अधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी दी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता से जुड़ा होने के कारण खाद्य सुरक्षा प्रशासन के अधिकारियों को सूचना दी।
सूचना मिलते ही खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम मोतीनगर थाने पहुंची। अधिकारियों ने शिकायतकर्ताओं के पास मौजूद घी के सैंपल लिए। नियमानुसार सैंपल को सीलबंद कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। अब प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घी वास्तव में मिलावटी है या नहीं और उसमें किस प्रकार की मिलावट की गई है।
जांच रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच निर्धारित प्रक्रिया के तहत की जाती है। प्रयोगशाला से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही मिलावट की पुष्टि हो सकेगी। यदि जांच में घी के नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरते हैं या उसमें किसी प्रकार की मिलावट पाई जाती है तो संबंधित व्यक्ति या विक्रेता के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
वहीं, पुलिस ने भी शिकायत के आधार पर मामले की जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है। घी कहां से खरीदा गया, इसे किसने उपलब्ध कराया और इसे गाय का घी बताकर बेचने के पीछे कौन लोग शामिल हैं, इन सभी बिंदुओं पर जानकारी जुटाई जा सकती है।
रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण खाद्य प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट होगी। रिपोर्ट आने के बाद ही घी की वास्तविक गुणवत्ता और उसमें मिलावट की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। यदि नमूनों में मिलावट की पुष्टि होती है तो मामला गंभीर रूप ले सकता है।
इस घटना ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और बाजार में बिकने वाले घी की शुद्धता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। खाद्य विभाग की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।