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सागर में 7 ग्राम पंचायत सचिवों पर कार्रवाई, समय पर काम नहीं करने पर जुर्माना; तीन दिन में राशि जमा करने के निर्देश

 

मध्य प्रदेश के सागर जिले में प्रशासन ने काम में लापरवाही बरतने वाले सात ग्राम पंचायत सचिवों के खिलाफ कार्रवाई की है। विवाह पंजीयन और जन्म प्रमाण पत्र से जुड़े प्रकरणों का निर्धारित समय सीमा में निराकरण नहीं करने पर इन सचिवों पर जुर्माना लगाया गया है। अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों को तीन दिन के भीतर जुर्माने की राशि जमा करने के निर्देश दिए हैं।

प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद पंचायत स्तर पर कामकाज को लेकर सख्ती का संदेश गया है। अधिकारियों का कहना है कि नागरिकों से जुड़े जरूरी प्रमाण पत्र और पंजीयन के मामलों का समय पर निराकरण करना संबंधित कर्मचारियों की जिम्मेदारी है। इसमें लापरवाही मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

समय सीमा में नहीं किए प्रकरणों का निराकरण

जांच के दौरान सामने आया कि सात ग्राम पंचायत सचिवों के स्तर पर विवाह पंजीयन और जन्म प्रमाण पत्र से संबंधित कई प्रकरण लंबित थे। इन मामलों का निर्धारित समय सीमा में निराकरण नहीं किया गया। इसके बाद संबंधित अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सचिवों पर जुर्माना लगाने का निर्णय लिया।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आम लोगों को सरकारी सेवाओं के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें, इसके लिए प्रकरणों का समय पर निराकरण जरूरी है।

तीन दिन में जमा करनी होगी राशि

जुर्माना लगाए जाने के साथ ही सभी संबंधित ग्राम पंचायत सचिवों को तीन दिन के भीतर निर्धारित राशि जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन अब यह भी निगरानी करेगा कि जुर्माने की राशि समय पर जमा होती है या नहीं।

अधिकारियों ने पंचायत सचिवों को भविष्य में इस तरह की लापरवाही नहीं करने की हिदायत दी है। समय सीमा में सेवाएं उपलब्ध नहीं कराने पर आगे भी कार्रवाई की जा सकती है।

नागरिक सेवाओं में लापरवाही पर सख्ती

विवाह पंजीयन और जन्म प्रमाण पत्र आम लोगों के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज हैं। इनसे जुड़े मामलों में देरी होने पर नागरिकों को कई अन्य सरकारी और निजी कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसी वजह से प्रशासन ने इन सेवाओं के मामलों के समय पर निराकरण को प्राथमिकता दी है।

सागर जिले में सात पंचायत सचिवों पर की गई कार्रवाई से यह संकेत दिया गया है कि सरकारी सेवाओं से जुड़े मामलों में लापरवाही को अब नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने संबंधित कर्मचारियों को निर्धारित समय सीमा का पालन करने और लंबित प्रकरणों का जल्द निपटारा करने के निर्देश दिए हैं।