फर्जी डीएड डिग्री से 19 साल तक नौकरी करने का आरोप, शिक्षक की सेवा खत्म करने की तैयारी; विभाग ने जनपद पंचायत को भेजा पत्र
मध्य प्रदेश में एक शिक्षक पर फर्जी डीएड डिग्री के आधार पर करीब 19 साल तक नौकरी करने का आरोप लगा है। मामले में शिकायतकर्ता ने संबंधित शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के बाद विभाग ने भी कदम उठाया है। शिक्षक की सेवा समाप्त करने के लिए संबंधित जनपद पंचायत को पत्र भेजा गया है।
जानकारी के अनुसार, शिक्षक पर आरोप है कि उन्होंने नियुक्ति के दौरान डीएड की ऐसी डिग्री प्रस्तुत की, जिसकी वैधता पर सवाल उठाए गए हैं। इसी कथित डिग्री के आधार पर वह पिछले करीब 19 वर्षों से सरकारी सेवा में कार्यरत हैं। मामला सामने आने के बाद उनकी शैक्षणिक योग्यता और नियुक्ति प्रक्रिया की जांच का मुद्दा उठने लगा है।
शिकायतकर्ता ने की कार्रवाई की मांग
शिकायतकर्ता ने संबंधित अधिकारियों के सामने मामला उठाते हुए आरोप लगाया कि शिक्षक ने फर्जी डीएड डिग्री के आधार पर नौकरी हासिल की। शिकायत में मांग की गई है कि पूरे मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
शिकायत के बाद विभाग ने मामले को आगे बढ़ाते हुए शिक्षक की सेवा समाप्त करने के संबंध में जनपद पंचायत को पत्र भेजा है। इससे संकेत मिलता है कि विभागीय स्तर पर इस मामले में कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है।
19 साल की नौकरी पर उठे सवाल
यदि डीएड डिग्री फर्जी पाई जाती है तो शिक्षक की नियुक्ति और इतने लंबे समय तक सेवा में बने रहने को लेकर कई सवाल खड़े हो सकते हैं। विभाग को डिग्री की प्रामाणिकता, नियुक्ति के समय प्रस्तुत दस्तावेजों और संबंधित रिकॉर्ड की जांच करनी होगी।
फिलहाल शिक्षक पर लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि और सेवा समाप्ति का आदेश सामने आने की जानकारी उपलब्ध नहीं है। जनपद पंचायत की ओर से आगे क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर मामले की अगली स्थिति निर्भर करेगी।