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सीधी में आंगनवाड़ी सहायिका की नियुक्ति के बदले रिश्वत मांगने का आरोप, पर्यवेक्षक निलंबित

 

सीधी जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग ने आंगनवाड़ी सहायिका की नियुक्ति के बदले रिश्वत मांगने के आरोप में बड़ी कार्रवाई की है। मझौली बाल विकास परियोजना में पदस्थ पर्यवेक्षक एवं प्रभारी परियोजना अधिकारी श्रीमती ज्योति विश्वकर्मा को मामले में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। विभाग की कार्रवाई के बाद अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति है।

जानकारी के अनुसार, आंगनवाड़ी सहायिका की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर महिला एवं बाल विकास विभाग को शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि नियुक्ति के बदले रिश्वत की मांग की जा रही है। मामले को गंभीरता से लेते हुए विभागीय स्तर पर शिकायत की जांच कराई गई।

जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर मझौली बाल विकास परियोजना में पर्यवेक्षक के पद पर पदस्थ और प्रभारी परियोजना अधिकारी की जिम्मेदारी संभाल रहीं ज्योति विश्वकर्मा के खिलाफ कार्रवाई की गई। विभाग ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

निलंबन की कार्रवाई के बाद संबंधित अधिकारी को उनके वर्तमान दायित्वों से हटा दिया गया है। विभागीय प्रक्रिया के तहत मामले की आगे जांच की जाएगी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगामी कार्रवाई तय होगी।

आंगनवाड़ी सहायिका की नियुक्ति स्थानीय स्तर पर महत्वपूर्ण प्रक्रिया होती है। इन पदों पर नियुक्ति के लिए निर्धारित नियम और प्रक्रिया का पालन किया जाना आवश्यक है। नियुक्ति के बदले किसी भी तरह की राशि की मांग किए जाने की शिकायत सामने आने पर विभाग द्वारा इसे गंभीरता से लिया गया है।

विभाग की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी योजनाओं और नियुक्ति प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है। किसी भी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा पद का दुरुपयोग किए जाने की शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

मामले में निलंबन के बाद अब जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। संबंधित शिकायत, नियुक्ति प्रक्रिया और रिश्वत की कथित मांग से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जाएगी। यह भी देखा जाएगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि किन परिस्थितियों में हुई और मामले में किसी अन्य कर्मचारी या व्यक्ति की भूमिका है या नहीं।

इस कार्रवाई के बाद आंगनवाड़ी सहायिका की नियुक्ति प्रक्रिया पर भी लोगों की नजर बनी हुई है। विभाग द्वारा प्रक्रिया को नियमों के अनुसार आगे बढ़ाए जाने की उम्मीद है, ताकि योग्य अभ्यर्थियों का चयन पारदर्शी तरीके से हो सके।

सीधी में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा की गई इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि नियुक्ति प्रक्रिया में अनियमितता या रिश्वत की शिकायतों को लेकर विभाग सख्त रुख अपना रहा है। फिलहाल ज्योति विश्वकर्मा के निलंबन के बाद मामले की विस्तृत जांच जारी है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।