रिटायर्ड IAS के घर केयरटेकर बनकर पहुंचा युवक, नेम प्लेट देखकर बनाया 10 से 20 लाख की चोरी का प्लान
रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल के घर चोरी की नीयत से पहुंचे वरुण वाल्मीकि की नजर 10 से 20 लाख रुपए की रकम पर थी। घर के बाहर लगी रिटायर्ड आईएएस अधिकारी की नेम प्लेट देखकर उसे लगा कि यहां बड़ी मात्रा में नकदी मिल सकती है। इसी उम्मीद में वह केयरटेकर बनकर घर तक पहुंचा। पुलिस के अनुसार, आरोपी की मंशा घर में रखी मोटी रकम पर हाथ साफ करने की थी।
आरोपी ने घर में प्रवेश पाने के लिए केयरटेकर का रूप अपनाया। उसे उम्मीद थी कि रिटायर्ड अधिकारी का घर होने के कारण वहां बड़ी रकम मिल सकती है। घर के बाहर लगी नेम प्लेट ने उसके इस अनुमान को और मजबूत किया। उसने करीब 10 से 20 लाख रुपए मिलने की उम्मीद लगाई थी।
नेम प्लेट देखकर बनाया चोरी का इरादा
पुलिस के मुताबिक, वरुण वाल्मीकि ने घर के बाहर लगी नेम प्लेट देखकर वहां चोरी करने की योजना बनाई। उसे लगा कि रिटायर्ड आईएएस अधिकारी के घर में अच्छी-खासी नकदी रखी हो सकती है। इसी अनुमान के आधार पर उसने घर में पहुंचने का तरीका तलाशा।
आरोपी केयरटेकर बनकर पहुंचा, ताकि घर में प्रवेश करना आसान हो सके। इस तरह उसने अपनी पहचान और आने के मकसद को लेकर संदेह से बचने की कोशिश की।
10 से 20 लाख रुपए मिलने की थी उम्मीद
आरोपी की नजर घर में रखी 10 से 20 लाख रुपए की रकम पर थी। हालांकि, यह रकम वास्तव में घर में मौजूद थी या नहीं, इसकी पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने केवल अपनी धारणा के आधार पर इतनी बड़ी रकम मिलने की उम्मीद लगा रखी थी।
पुलिस जांच में सामने आई आरोपी की मंशा
मामले की जांच के दौरान आरोपी की योजना और घर में पहुंचने के तरीके को लेकर जानकारी सामने आई है। रिटायर्ड अधिकारी की पहचान और नेम प्लेट देखकर चोरी की योजना बनाने का पहलू भी जांच का हिस्सा है।
यह घटना इस बात की ओर भी ध्यान दिलाती है कि घर में काम करने के लिए आने वाले अनजान लोगों की पहचान और पृष्ठभूमि की जांच जरूरी है। हालांकि, मामले में चोरी की कोशिश, बरामदगी और आरोपी के खिलाफ की गई कार्रवाई से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आने पर ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट होगी।