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मध्यप्रदेश में छोटे उद्योगों के लिए बनेगी अलग कंपनी MSME IDC, 2.5 करोड़ से 500 करोड़ तक निवेश वाले उद्योग आएंगे दायरे में

 

मध्यप्रदेश में छोटे और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार नई पहल करने जा रही है। बड़े उद्योगों के लिए काम करने वाले मध्यप्रदेश इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPIDC) की तर्ज पर अब छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए अलग कंपनी बनाई जाएगी। इसका नाम ‘एमएसएमई आईडीसी’ (MSME IDC) होगा। इस कंपनी के गठन का उद्देश्य प्रदेश में एमएसएमई सेक्टर को मजबूत करना, निवेश बढ़ाना और छोटे उद्योगों को औद्योगिक विकास से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

नई कंपनी के दायरे में 2.5 करोड़ रुपये से लेकर 500 करोड़ रुपये तक का निवेश करने वाले उद्योग आएंगे। यानी अब तक बड़े औद्योगिक निवेश के लिए काम करने वाली व्यवस्था से अलग छोटे और मध्यम निवेशकों के लिए एक समर्पित संस्थागत ढांचा तैयार किया जाएगा। इससे छोटे उद्योगों को अपनी जरूरतों के मुताबिक सुविधाएं और सहयोग उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।

MPIDC की तर्ज पर काम करेगी नई कंपनी

मध्यप्रदेश में बड़े औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने और उद्योगों के लिए सुविधाएं विकसित करने की जिम्मेदारी MPIDC के पास है। अब इसी मॉडल पर MSME IDC बनाई जाएगी, जो छोटे और मध्यम उद्योगों के विकास पर विशेष ध्यान देगी।

प्रदेश में बड़ी संख्या में छोटे और मध्यम उद्योग रोजगार और आर्थिक गतिविधियों का आधार हैं। ऐसे उद्योगों को जमीन, औद्योगिक क्षेत्र, आधारभूत सुविधाओं और सरकारी प्रक्रियाओं से जुड़ी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। नई कंपनी के गठन से इन समस्याओं के समाधान के लिए अलग व्यवस्था विकसित की जा सकेगी।

2.5 करोड़ से 500 करोड़ तक के निवेश को मिलेगा दायरा

प्रस्तावित MSME IDC के तहत 2.5 करोड़ रुपये से 500 करोड़ रुपये तक निवेश करने वाले उद्योगों को शामिल किया जाएगा। इससे छोटे निवेशकों से लेकर अपेक्षाकृत बड़े मध्यम स्तर के उद्योग लगाने वाले उद्यमियों को एक ही संस्थागत व्यवस्था के माध्यम से सुविधाएं उपलब्ध कराने का रास्ता तैयार होगा।

इस व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य उन निवेशकों को प्रोत्साहित करना भी है, जो प्रदेश में नए उद्योग स्थापित करना चाहते हैं, लेकिन बड़े औद्योगिक निवेश की श्रेणी में नहीं आते। अलग कंपनी बनने से इस वर्ग के उद्यमियों की जरूरतों पर विशेष ध्यान दिया जा सकेगा।

रोजगार और औद्योगिक विकास को मिलेगा बढ़ावा

एमएसएमई सेक्टर किसी भी राज्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। छोटे और मध्यम उद्योग स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के साथ उत्पादन और व्यापार को भी गति देते हैं। ऐसे में MSME IDC के गठन से प्रदेश में नए उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

इसके अलावा स्थानीय उद्यमियों को अपने कारोबार का विस्तार करने और नए निवेशकों को मध्यप्रदेश की ओर आकर्षित करने में भी मदद मिल सकती है।

छोटे उद्यमियों के लिए अलग व्यवस्था

अब तक औद्योगिक विकास की योजनाओं में बड़े निवेश और छोटे उद्योगों की जरूरतें अलग-अलग स्तर पर सामने आती रही हैं। MSME IDC के गठन से छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए अलग संस्थागत व्यवस्था तैयार होगी।

हालांकि, नई कंपनी के गठन की प्रक्रिया, इसके संचालन का स्वरूप, मुख्यालय और उद्यमियों को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। इन पहलुओं पर अंतिम निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगा कि MSME IDC प्रदेश के छोटे और मध्यम उद्योगों के विकास में किस तरह भूमिका निभाएगी।