क्रिसमस गिफ्ट, बिजली बिल और PhonePe के नाम पर साइबर ठगी का नया जाल, नए-नए हथकंडों से लोगों को बना रहे शिकार
साइबर अपराधी लोगों को ठगने के लिए लगातार नए-नए तरीके अपना रहे हैं। कभी विदेश से क्रिसमस गिफ्ट भेजने का लालच दिया जाता है, तो कभी बिजली बिल अपडेट नहीं होने पर कनेक्शन काटने की धमकी दी जाती है। इसके अलावा PhonePe या अन्य डिजिटल पेमेंट ऐप के जरिए भुगतान कराने और बैंक खाते की सुरक्षा खत्म होने का डर दिखाकर भी लोगों को जाल में फंसाया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर ठगी के तरीके भी तेजी से बदल रहे हैं।
हाल के दिनों में साइबर ठगों ने लोगों की भावनाओं, जल्दबाजी और डर का फायदा उठाकर ठगी की कई घटनाओं को अंजाम दिया है। सबसे पहले वे फोन कॉल, एसएमएस, व्हाट्सएप या ई-मेल के जरिए संपर्क करते हैं और खुद को बैंक अधिकारी, बिजली कंपनी के कर्मचारी, कूरियर एजेंसी या किसी सरकारी संस्था का प्रतिनिधि बताकर भरोसा जीतने की कोशिश करते हैं।
क्रिसमस गिफ्ट के नाम पर ठगी
ठग लोगों को बताते हैं कि विदेश से उनके नाम कोई महंगा गिफ्ट या पार्सल आया है। इसके बाद कस्टम ड्यूटी, टैक्स या प्रोसेसिंग फीस के नाम पर ऑनलाइन भुगतान करने के लिए कहा जाता है। जैसे ही पीड़ित पैसे ट्रांसफर करता है, ठग संपर्क खत्म कर देते हैं और गिफ्ट कभी नहीं पहुंचता।
बिजली कनेक्शन काटने की धमकी
एक अन्य आम तरीका बिजली बिल से जुड़ा है। ठग उपभोक्ताओं को संदेश भेजते हैं कि उनका बिजली बिल अपडेट नहीं हुआ है और यदि तुरंत भुगतान नहीं किया गया तो कुछ घंटों में बिजली कनेक्शन काट दिया जाएगा। संदेश में एक मोबाइल नंबर या लिंक दिया जाता है, जिस पर संपर्क करने या क्लिक करने के बाद पीड़ित से बैंकिंग जानकारी और ओटीपी हासिल कर रकम निकाल ली जाती है।
PhonePe और बैंक खाते की सुरक्षा का झांसा
साइबर अपराधी PhonePe, Google Pay या अन्य डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म का नाम लेकर भी लोगों को निशाना बना रहे हैं। कभी केवाईसी अपडेट कराने, तो कभी खाते की गारंटी या सुरक्षा समाप्त होने का डर दिखाकर फर्जी लिंक भेजे जाते हैं। कई मामलों में स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड कराने या यूपीआई पिन दर्ज कराने के लिए कहा जाता है। ऐसा करते ही ठग बैंक खाते तक पहुंच बना लेते हैं।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक या संदेश पर बिना जांच किए भरोसा नहीं करना चाहिए। बिजली बिल, बैंक खाते या डिजिटल पेमेंट से जुड़ी किसी भी सूचना की पुष्टि संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट, ऐप या हेल्पलाइन से ही करें। किसी भी व्यक्ति के साथ ओटीपी, यूपीआई पिन, सीवीवी, पासवर्ड या बैंकिंग जानकारी साझा न करें और स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड करने से बचें।
संदिग्ध कॉल या संदेश मिले तो तुरंत करें शिकायत
यदि किसी व्यक्ति को इस तरह की संदिग्ध कॉल, मैसेज या ऑनलाइन ठगी का सामना करना पड़ता है, तो वह तुरंत स्थानीय पुलिस या राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करा सकता है। साथ ही राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कर समय रहते कार्रवाई कराई जा सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि जागरूकता और सतर्कता ही साइबर ठगी से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है।