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कसरावद में निकला गांगलेश्वर महादेव का भव्य शिवडोला: थार पर श्रीकृष्ण की झांकी और अघोरियों के करतब रहे आकर्षण का केंद्र

 

मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के कसरावद में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। यहां श्रद्धालुओं ने भगवान गांगलेश्वर महादेव का भव्य शिवडोला निकाला। शिवडोले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और पूरे नगर में धार्मिक उत्साह का माहौल बना रहा।

शोभायात्रा में भगवान शिव की भव्य झांकियों के साथ कई आकर्षक प्रस्तुतियां देखने को मिलीं। खासतौर पर थार वाहन पर सजाई गई श्रीकृष्ण की झांकी और अघोरियों द्वारा प्रस्तुत किए गए आग के करतब लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे। बड़ी संख्या में लोगों ने रास्ते में खड़े होकर शिवडोले के दर्शन किए।

धार्मिक उत्साह के साथ निकली शोभायात्रा

गांगलेश्वर महादेव के शिवडोले में श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों और धार्मिक जयकारों के साथ शामिल हुए। पूरे मार्ग पर हर-हर महादेव के जयकारे गूंजते रहे। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया।

शिवडोले के स्वागत के लिए जगह-जगह लोगों ने व्यवस्थाएं की थीं। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया।

थार पर श्रीकृष्ण की झांकी बनी आकर्षण

इस बार शिवडोले में कई विशेष झांकियां शामिल की गईं। इनमें थार वाहन पर तैयार की गई भगवान श्रीकृष्ण की झांकी लोगों को खूब पसंद आई। आधुनिक वाहन पर धार्मिक स्वरूप में सजाई गई इस झांकी ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

झांकी में भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप को बेहद आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया गया था। बच्चे और युवा बड़ी संख्या में इसे देखने के लिए उत्साहित नजर आए।

अघोरियों के आग के करतब ने खींचा ध्यान

शिवडोले में शामिल अघोरी साधुओं की प्रस्तुति भी चर्चा का विषय रही। उन्होंने आग से जुड़े करतब दिखाए, जिन्हें देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट गई। हालांकि, इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था का भी ध्यान रखा गया।

अघोरियों की यह प्रस्तुति धार्मिक परंपरा और साधना से जुड़ी मानी जाती है, जिसने शोभायात्रा को और खास बना दिया।

प्रशासन ने किए सुरक्षा इंतजाम

शिवडोले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी जरूरी इंतजाम किए गए।

आयोजकों ने बताया कि शिवडोला निकालने का उद्देश्य धार्मिक परंपरा को आगे बढ़ाना और लोगों को भक्ति से जोड़ना है।

कसरावद में निकला गांगलेश्वर महादेव का यह भव्य शिवडोला श्रद्धा, आस्था और धार्मिक संस्कृति का प्रतीक बना। झांकियों, भक्ति गीतों और श्रद्धालुओं के उत्साह ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया।