सरकारी योजनाओं के भुगतान में बड़ा घोटाला उजागर, ट्रेजरी से स्कूटी और विवाह सहायता राशि बांटने में मिली गड़बड़ी
मध्य प्रदेश में सरकारी योजनाओं के भुगतान को लेकर बड़ी वित्तीय अनियमितता सामने आई है। सरकारी ट्रेजरी की स्टेट फाइनेंशियल इंटेलिजेंस सेल (एसएफआईसी) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान अलग-अलग जिलों की ट्रेजरी से किए गए भुगतान में गड़बड़ी पकड़ी है। शुरुआती जांच में मुख्यमंत्री स्कूटी योजना, मुख्यमंत्री कल्याणी विवाह सहायता योजना और मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना में अनियमितताओं की जानकारी सामने आई है।
इन योजनाओं का उद्देश्य पात्र हितग्राहियों को सरकारी सहायता उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के तहत विद्यार्थियों को स्कूटी उपलब्ध कराने की व्यवस्था है, जबकि विवाह सहायता योजनाओं के जरिए पात्र महिलाओं और जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक मदद दी जाती है। ऐसे में इन योजनाओं के भुगतान में गड़बड़ी सामने आने से सरकारी धन के वितरण और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
तीन प्रमुख योजनाओं के भुगतान में मिली गड़बड़ी
एसएफआईसी ने जिलों की ट्रेजरी से अलग-अलग योजनाओं के तहत जारी भुगतान का विश्लेषण किया। इस दौरान तीन योजनाओं में वित्तीय अनियमितताओं के संकेत मिले।
इनमें मुख्यमंत्री स्कूटी योजना, मुख्यमंत्री कल्याणी विवाह सहायता स्कीम और मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना शामिल हैं। इन योजनाओं के भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड की जांच में गड़बड़ी सामने आने के बाद संबंधित वित्तीय लेनदेन पर सवाल उठे हैं।
ट्रेजरी के भुगतान रिकॉर्ड की हुई जांच
सरकारी योजनाओं में हितग्राहियों तक सहायता राशि पहुंचाने के लिए ट्रेजरी के माध्यम से भुगतान किया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया में बिल, स्वीकृति आदेश, हितग्राही की पात्रता और भुगतान संबंधी दस्तावेज महत्वपूर्ण होते हैं।
एसएफआईसी ने वित्तीय लेनदेन की निगरानी के दौरान भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल की। इसका उद्देश्य सरकारी धन के इस्तेमाल में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और संदिग्ध लेनदेन की पहचान करना है।
पात्र हितग्राहियों तक राशि पहुंचाने पर सवाल
सरकारी योजनाओं में किसी भी तरह की वित्तीय अनियमितता का सीधा असर पात्र हितग्राहियों पर पड़ सकता है। यदि गलत तरीके से भुगतान किया जाता है या नियमों के विपरीत सरकारी राशि जारी होती है, तो वास्तविक जरूरतमंद लोगों को योजना का पूरा लाभ मिलने में परेशानी हो सकती है।
ऐसे में यह जरूरी है कि भुगतान से जुड़े सभी दस्तावेजों और हितग्राहियों की पात्रता की जांच की जाए। साथ ही अनियमित भुगतान के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित लोगों की भूमिका भी स्पष्ट हो।
फिलहाल एसएफआईसी की पड़ताल में तीन सरकारी योजनाओं के भुगतान में गड़बड़ी सामने आने की जानकारी है। हालांकि कितनी राशि की अनियमितता हुई, किन जिलों की ट्रेजरी इसमें शामिल हैं और कितने हितग्राही प्रभावित हुए हैं, इसका विस्तृत ब्योरा सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।