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भोपाल में JEE की तैयारी कर रही 17 वर्षीय छात्रा ने उठाया खौफनाक कदम, जन्मदिन के दिन मौत से मचा हड़कंप

 

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। कटारा हिल्स स्थित आदिवासी कन्या छात्रावास में रहकर 12वीं की पढ़ाई और JEE की तैयारी कर रही 17 वर्षीय छात्रा ने रविवार शाम फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। हैरानी की बात यह है कि जिस दिन छात्रा ने यह कदम उठाया, उसी दिन उसका 17वां जन्मदिन था।

घटना के बाद छात्रावास में रहने वाली अन्य छात्राओं और कर्मचारियों के बीच शोक का माहौल है। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है।

जन्मदिन के दिन उठाया आत्मघाती कदम

जानकारी के मुताबिक, छात्रा कटारा हिल्स स्थित आदिवासी कन्या छात्रावास में रहकर अपनी पढ़ाई कर रही थी। वह 12वीं कक्षा की छात्रा थी और साथ ही इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा JEE की तैयारी भी कर रही थी।

रविवार को उसका जन्मदिन था। शाम के समय छात्रा ने अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही छात्रावास प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी।

पुलिस ने शुरू की जांच

मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अब छात्रा के आत्महत्या करने के कारणों का पता लगाने में जुटी है।

जांच के तहत छात्रा के परिवार, दोस्तों और छात्रावास में रहने वाली अन्य छात्राओं से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या छात्रा किसी मानसिक दबाव, पढ़ाई के तनाव या किसी अन्य परेशानी से गुजर रही थी।

JEE की तैयारी के बीच बढ़ता तनाव बना चिंता का विषय

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले कई छात्र-छात्राएं पढ़ाई, करियर और भविष्य को लेकर मानसिक दबाव महसूस करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे समय में परिवार, दोस्तों और शिक्षकों का सहयोग बेहद जरूरी होता है।

छात्रों को अपनी परेशानियों को छिपाने के बजाय किसी भरोसेमंद व्यक्ति से साझा करना चाहिए। तनाव या किसी भी तरह की परेशानी महसूस होने पर मदद लेना कमजोरी नहीं, बल्कि समझदारी है।

छात्रावास में पसरा मातम

17 वर्षीय छात्रा की मौत की खबर से छात्रावास में रहने वाली छात्राएं सदमे में हैं। जिस दिन वह अपना जन्मदिन मना सकती थी, उसी दिन उसकी मौत की खबर ने सभी को झकझोर दिया।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आत्महत्या के पीछे की वजहों का पता लगाने की कोशिश जारी है। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि बच्चों और युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना कितना जरूरी है।