उज्जैन में आज 101 फीट ऊंचे रावण का होगा दहन, दशहरे पर मिलेगा ‘नशा छोड़ो, जीवन से नाता जोड़ो’ का संदेश
मध्य प्रदेश के उज्जैन में दशहरे के अवसर पर आज 101 फीट ऊंचे रावण का दहन किया जाएगा। इस आयोजन को लेकर लोगों में उत्साह है। रावण दहन के साथ ही सामाजिक जागरूकता का संदेश भी दिया जाएगा। इस बार आयोजन के माध्यम से लोगों को नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके लिए ‘नशा छोड़ो, जीवन से नाता जोड़ो’ का संदेश दिया जाएगा।
दशहरे का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। इस दिन भगवान श्रीराम द्वारा रावण का वध किए जाने की परंपरा के तहत देशभर में रावण दहन के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। उज्जैन में भी हर साल दशहरे पर रावण दहन को लेकर लोगों में खास उत्साह रहता है। इस बार 101 फीट ऊंचे रावण का दहन आकर्षण का केंद्र रहेगा।
101 फीट ऊंचे रावण का दहन बनेगा आकर्षण
उज्जैन में रावण दहन के कार्यक्रम को लेकर तैयारियां की गई हैं। 101 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। दशहरे के मौके पर परिवारों के साथ लोग इस आयोजन का आनंद लेते हैं। रावण दहन के जरिए बुराई, अहंकार और नकारात्मक प्रवृत्तियों को छोड़ने का संदेश दिया जाता है।
हालांकि, आयोजन के सटीक समय, स्थान और अन्य कार्यक्रमों के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध होने पर ही उनकी पुष्टि की जा सकती है।
नशे के खिलाफ दिया जाएगा जागरूकता संदेश
इस बार दशहरे के आयोजन में धार्मिक परंपरा के साथ सामाजिक सरोकार को भी जोड़ा गया है। ‘नशा छोड़ो, जीवन से नाता जोड़ो’ का संदेश देकर लोगों को नशे से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करने की कोशिश की जाएगी।
नशे की लत व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ-साथ उसके पारिवारिक और सामाजिक जीवन पर भी असर डाल सकती है। ऐसे में सार्वजनिक आयोजनों के माध्यम से नशामुक्ति का संदेश देना लोगों को जागरूक करने का एक माध्यम बन सकता है।
बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है दशहरा
दशहरा या विजयादशमी का पर्व पूरे देश में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीराम ने रावण का वध किया था। इसलिए रावण दहन को बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में देखा जाता है।
उज्जैन में 101 फीट ऊंचे रावण का दहन इस बार सामाजिक जागरूकता के संदेश के साथ होगा। आयोजन के जरिए लोगों को यह संदेश देने की कोशिश की जाएगी कि जिस तरह दशहरे पर बुराइयों के प्रतीक रावण का दहन किया जाता है, उसी तरह जीवन से नशे जैसी हानिकारक आदतों को भी दूर करना चाहिए।