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विशेषज्ञ डॉक्टरों के 66 प्रतिशत पद खाली, हर महीने होगी भर्ती; 1 तारीख को जारी होंगे खाली पद, 15 तक लिए जाएंगे आवेदन

 

राजस्थान के स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी की है। अब विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती के लिए साल में एक या दो बार नहीं, बल्कि हर महीने प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके तहत हर महीने की 1 तारीख को खाली पदों की सूची जारी की जाएगी और 15 तारीख तक इच्छुक डॉक्टर आवेदन कर सकेंगे।

स्वास्थ्य विभाग का यह कदम प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को देखते हुए उठाया गया है। वर्तमान में राज्य में विशेषज्ञ डॉक्टरों के करीब 66 प्रतिशत पद खाली हैं। डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों को इलाज के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पतालों में विशेषज्ञ सेवाओं की उपलब्धता बड़ी चुनौती बनी हुई है।

हर महीने होगी भर्ती प्रक्रिया

नई व्यवस्था के अनुसार स्वास्थ्य विभाग हर महीने विशेषज्ञ डॉक्टरों के रिक्त पदों की जानकारी सार्वजनिक करेगा। इसके बाद डॉक्टरों से आवेदन मांगे जाएंगे। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र डॉक्टरों की नियुक्ति की जाएगी।

विभाग का मानना है कि इस प्रक्रिया से लंबे समय तक खाली रहने वाले पदों को जल्द भरा जा सकेगा। पहले भर्ती प्रक्रिया लंबी होने के कारण कई पद महीनों और वर्षों तक रिक्त रह जाते थे। अब मासिक भर्ती प्रणाली से अस्पतालों में विशेषज्ञ सेवाएं बेहतर होने की उम्मीद है।

66 प्रतिशत पद खाली होने से बढ़ी परेशानी

प्रदेश में विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। सरकारी अस्पतालों में मेडिसिन, सर्जरी, स्त्री रोग, शिशु रोग, एनेस्थीसिया सहित कई विशेषज्ञ विभागों में पद खाली हैं।

विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी का सबसे ज्यादा असर जिला अस्पतालों और ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों पर पड़ता है। कई जगह मरीजों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बड़े शहरों के अस्पतालों का रुख करना पड़ता है।

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू होने से अस्पतालों में डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी और मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा।

डॉक्टरों को मिलेगा लगातार अवसर

मासिक भर्ती व्यवस्था से विशेषज्ञ डॉक्टरों को भी सरकारी सेवा में आने के लिए लगातार अवसर मिलेंगे। जो डॉक्टर किसी कारण से पहले की भर्ती प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पाए थे, वे अगले महीने फिर आवेदन कर सकेंगे।

विभाग की योजना है कि इस प्रक्रिया को सरल और तेज बनाया जाए, ताकि नियुक्ति में अनावश्यक देरी न हो। अधिकारियों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए डॉक्टरों की उपलब्धता सबसे जरूरी है।

अस्पतालों में बेहतर होंगी विशेषज्ञ सेवाएं

स्वास्थ्य विभाग के इस फैसले से उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं का विस्तार होगा। लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने से मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर इलाज मिल सकेगा।

अब हर महीने की 1 तारीख को जारी होने वाली रिक्तियों और 15 तारीख तक होने वाले आवेदनों की प्रक्रिया पर डॉक्टरों और स्वास्थ्य विभाग दोनों की नजर रहेगी। सरकार का लक्ष्य विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को जल्द से जल्द दूर करना और प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाना है।