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राहुल गांधी की दिल्ली रैली में नहीं पहुंचे 60 पदाधिकारी, मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस ने 9 जिला अध्यक्षों समेत सभी को किया सस्पेंड

 

मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस ने संगठनात्मक अनुशासन को लेकर बड़ी कार्रवाई की है। दिल्ली में राहुल गांधी की रैली में शामिल नहीं होने पर प्रदेश के 60 पदाधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। निलंबित किए गए पदाधिकारियों में 9 जिला अध्यक्ष भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इन नेताओं को रैली में शामिल होने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद वे कार्यक्रम में नहीं पहुंचे।

इस कार्रवाई के बाद मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस में हलचल मच गई है। खास बात यह है कि गैरहाजिर रहने वाले कई पदाधिकारियों ने अपनी अनुपस्थिति की अलग-अलग वजह बताई हैं। किसी ने परिवार में शादी होने की बात कही तो किसी ने रिश्तेदार की मौत और बीमारी को रैली में शामिल नहीं हो पाने का कारण बताया।

शादी, मौत और बीमारी का दिया हवाला

जानकारी के मुताबिक, दिल्ली में आयोजित राहुल गांधी की रैली को लेकर युवा कांग्रेस की ओर से प्रदेश के पदाधिकारियों को शामिल होने के निर्देश दिए गए थे। संगठन की अपेक्षा थी कि मध्य प्रदेश से बड़ी संख्या में युवा कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता रैली में पहुंचेंगे।

हालांकि, रैली के दौरान कई पदाधिकारी अनुपस्थित रहे। इसके बाद संगठन की ओर से उनकी गैरहाजिरी को गंभीरता से लिया गया। जिन नेताओं ने कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लिया, उनसे अनुपस्थिति की वजह पूछी गई।

कुछ पदाधिकारियों ने बताया कि उनके परिवार में शादी का कार्यक्रम था, इसलिए वे दिल्ली नहीं पहुंच सके। वहीं कुछ ने रिश्तेदार की मृत्यु और स्वास्थ्य खराब होने की वजह से रैली में शामिल नहीं हो पाने की बात कही। इसके बावजूद संगठन ने 60 पदाधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की।

9 जिला अध्यक्ष भी कार्रवाई की जद में

युवा कांग्रेस की इस कार्रवाई में जिला स्तर के कई प्रमुख पदाधिकारी भी शामिल हैं। कुल 60 लोगों को सस्पेंड किया गया है, जिनमें 9 जिला अध्यक्ष बताए जा रहे हैं। जिला अध्यक्षों पर कार्रवाई को संगठन के भीतर अनुशासन को लेकर सख्त रुख के तौर पर देखा जा रहा है।

संगठन में अनुशासन को लेकर सख्ती

राजनीतिक संगठनों में बड़े कार्यक्रमों और रैलियों में पदाधिकारियों की भागीदारी को संगठनात्मक जिम्मेदारी का हिस्सा माना जाता है। ऐसे आयोजनों में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी के जरिए संगठन अपनी ताकत और सक्रियता प्रदर्शित करता है।

मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस की इस कार्रवाई के बाद संगठन के भीतर पदाधिकारियों की जिम्मेदारी और कार्यक्रमों में उपस्थिति को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अब देखना होगा कि निलंबित किए गए पदाधिकारियों की ओर से इस फैसले पर क्या प्रतिक्रिया आती है और संगठन आगे इस मामले में क्या कदम उठाता है।