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50 साल पुराने रास्ते पर लगा ताला, कलेक्ट्रेट की सीढ़ियों पर बैठीं महिलाएं: गुफा मंदिर-बरेला गांव मार्ग खोलने की मांग

 

भोपाल में करीब 50 साल पुराने रास्ते को बंद किए जाने के विरोध में इलाके की महिलाओं ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। गुफा मंदिर से बरेला गांव की ओर जाने वाले मार्ग को बंद किए जाने से नाराज महिलाओं ने कलेक्ट्रेट की सीढ़ियों पर बैठकर विरोध जताया। महिलाओं ने प्रशासन से रास्ता तत्काल खुलवाने की मांग की है।

प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि यह रास्ता लंबे समय से क्षेत्र के लोगों के आवागमन का प्रमुख साधन रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार वे कई दशकों से इसी रास्ते का इस्तेमाल करते आ रहे हैं। अब मार्ग बंद होने के कारण आसपास के ग्रामीणों और स्थानीय निवासियों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

रास्ता बंद होने से बढ़ी परेशानी

महिलाओं ने आरोप लगाया कि गुफा मंदिर-बरेला गांव मार्ग को अचानक बंद कर दिया गया है। इससे लोगों को दूसरे रास्तों से होकर लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। खासतौर पर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को इससे अधिक परेशानी हो रही है।

प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने कहा कि रास्ता उनके लिए केवल आने-जाने का साधन नहीं, बल्कि वर्षों से इस्तेमाल में आने वाला सार्वजनिक मार्ग है। इसे बंद किए जाने से स्थानीय लोगों की रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।

कलेक्ट्रेट की सीढ़ियों पर बैठकर जताया विरोध

समस्या का समाधान कराने की मांग को लेकर महिलाएं कलेक्ट्रेट पहुंचीं। वहां उन्होंने अधिकारियों का ध्यान अपनी समस्या की ओर आकर्षित करने के लिए कलेक्ट्रेट की सीढ़ियों पर बैठकर विरोध प्रदर्शन किया।

महिलाओं का कहना था कि जब तक पुराने रास्ते को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होती और लोगों के आवागमन का रास्ता नहीं खुलता, तब तक उनकी परेशानी बनी रहेगी। उन्होंने प्रशासन से मौके की जांच कराकर रास्ते को दोबारा खुलवाने की मांग की।

प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि करीब पांच दशक से इस्तेमाल हो रहे रास्ते को बंद करने से पहले स्थानीय लोगों की समस्या को ध्यान में रखा जाना चाहिए था। उन्होंने प्रशासन से मामले की जांच कर यह पता लगाने की मांग की कि रास्ता किस आधार पर बंद किया गया है।

अब स्थानीय लोगों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है। यदि प्रशासन मौके का निरीक्षण कर रास्ते की स्थिति स्पष्ट करता है तो लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान निकलने की उम्मीद है। फिलहाल महिलाओं के प्रदर्शन के बाद मामला प्रशासन के संज्ञान में पहुंच गया है।