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रीवा संजय गांधी अस्पताल में 5 डॉक्टरों से मारपीट, JDA ने OPD और रूटीन सेवाएं बंद कीं

 

मध्य प्रदेश के रीवा स्थित संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल में डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर विवाद फिर गहरा गया है। सर्जरी विभाग के ICU में ड्यूटी कर रहे डॉक्टरों के साथ मरीज के परिजनों द्वारा कथित मारपीट के बाद जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (JDA) ने विरोध शुरू कर दिया। घटना के बाद डॉक्टरों ने OPD और नियमित ऐच्छिक सेवाओं का अनिश्चितकालीन बहिष्कार करने का ऐलान किया। हालांकि इमरजेंसी, कैजुअल्टी और गंभीर मरीजों के लिए क्रिटिकल ICU सेवाएं जारी रखी गई हैं।

ICU में घुसने को लेकर हुआ विवाद

रिपोर्टों के मुताबिक, बुधवार देर रात सर्जरी ICU में भर्ती एक गंभीर मरीज के कुछ परिजन अंदर पहुंच गए। डॉक्टरों का आरोप है कि परिजन मरीज की स्थिति और इलाज को लेकर ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सकों से बहस करने लगे। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और डॉक्टरों के साथ कथित तौर पर अभद्रता और मारपीट की गई।

कुछ रिपोर्टों में पांच लोगों के नशे की हालत में ICU में पहुंचने का आरोप भी सामने आया है। डॉक्टरों का कहना है कि ICU जैसे संवेदनशील क्षेत्र में बाहरी लोगों का प्रवेश गंभीर सुरक्षा चूक है।

महिला डॉक्टरों से भी मारपीट का आरोप

रेजिडेंट डॉक्टरों के मुताबिक, घटना में महिला डॉक्टरों के साथ भी मारपीट की गई। इसके बाद बड़ी संख्या में रेजिडेंट डॉक्टर विरोध में उतर आए। करीब 50 डॉक्टरों के धरने पर बैठने की भी रिपोर्ट सामने आई। डॉक्टरों ने अस्पताल परिसर में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने पर नाराजगी जताई।

डॉक्टरों का कहना है कि वे गंभीर मरीजों का इलाज करने के लिए लगातार ड्यूटी कर रहे हैं, लेकिन अस्पताल के भीतर ही उनके साथ मारपीट की घटनाएं हो रही हैं। ऐसे माहौल में सुरक्षित तरीके से इलाज करना मुश्किल हो रहा है।

OPD और रूटीन सेवाएं बंद

घटना के विरोध में JDA ने OPD और नियमित ऐच्छिक सेवाओं का बहिष्कार शुरू कर दिया। इससे अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि प्रशासन और डॉक्टरों के बीच बातचीत के बाद इमरजेंसी और गंभीर मरीजों की सेवाएं जारी रखने की व्यवस्था की गई।

सुरक्षा बढ़ाने का आश्वासन

मामले की जानकारी मिलने के बाद अस्पताल प्रबंधन, पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों से बातचीत की। प्रशासन की ओर से अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का आश्वासन दिया गया।

इसके तहत मरीज के साथ केवल एक अटेंडर को रहने देने और ICU में प्रवेश के लिए वैध गेट पास की व्यवस्था लागू करने पर सहमति बनी है। अस्पताल परिसर में वीडियोग्राफी को भी नियंत्रित करने का निर्णय लिया गया है।

अस्पताल की सुरक्षा पर फिर सवाल

संजय गांधी अस्पताल में डॉक्टरों से मारपीट की यह घटना ऐसे समय हुई है जब अस्पताल की व्यवस्थाओं और सुरक्षा को लेकर पहले से सवाल उठ रहे हैं। हाल ही में रीवा कलेक्टर ने भी अस्पताल का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं में खामियां मिलने पर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए थे।

फिलहाल डॉक्टरों की मांग है कि अस्पताल में ऐसी सुरक्षा व्यवस्था बनाई जाए, जिससे ICU और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में अनधिकृत लोगों का प्रवेश रोका जा सके और डॉक्टर बिना दबाव के मरीजों का इलाज कर सकें।