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शहर की हवा में 40% प्रदूषण सड़क की धूल से, नगर निगम खरीदेगा 20 इलेक्ट्रिक रोड स्वीपिंग मशीनें

 

शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण को कम करने के लिए नगर निगम ने नई तैयारी की है। शहर की हवा को प्रदूषित करने में सड़क की धूल की करीब 40 प्रतिशत हिस्सेदारी बताई जा रही है। इस समस्या से निपटने के लिए अब नगर निगम नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (NCAP) के तहत 20 इलेक्ट्रिक रोड स्वीपिंग मशीनें लाने जा रहा है। इन मशीनों की मदद से सड़कों पर जमा धूल और मिट्टी को हटाया जाएगा, ताकि हवा में उड़ने वाले धूल के कणों को कम किया जा सके।

शहर में वाहनों से निकलने वाले धुएं के अलावा सड़क की धूल भी वायु प्रदूषण का एक बड़ा कारण है। सड़कों पर जमा मिट्टी, निर्माण कार्यों से निकलने वाली धूल और वाहनों की आवाजाही के कारण धूल के बारीक कण हवा में फैलते हैं। इससे वायु गुणवत्ता प्रभावित होती है। खासकर व्यस्त सड़कों और अधिक यातायात वाले इलाकों में यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है।

सड़क की धूल से 40 फीसदी प्रदूषण

प्रदूषण के स्रोतों में सड़क की धूल की हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत बताई जा रही है। सड़क पर जमा धूल वाहनों के गुजरने के दौरान दोबारा हवा में फैल जाती है। इसके अलावा तेज हवा चलने पर भी धूल के कण वातावरण में पहुंच जाते हैं।

वायु प्रदूषण में मौजूद ये बारीक कण लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी चिंता का विषय हैं। लंबे समय तक प्रदूषित हवा में रहने से सांस संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं। ऐसे में सड़क की नियमित सफाई को प्रदूषण नियंत्रण की महत्वपूर्ण प्रक्रिया माना जा रहा है।

20 इलेक्ट्रिक रोड स्वीपिंग मशीनें आएंगी

नगर निगम ने सड़क की धूल को नियंत्रित करने के लिए 20 इलेक्ट्रिक रोड स्वीपिंग मशीनें लाने की तैयारी की है। इन मशीनों को नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत खरीदा जाएगा। इलेक्ट्रिक मशीनों की मदद से सड़कों की सफाई अधिक व्यवस्थित तरीके से की जा सकेगी।

इन मशीनों का उद्देश्य सड़कों पर जमा धूल और मिट्टी को हटाना है, ताकि वाहनों की आवाजाही के दौरान धूल दोबारा हवा में न फैले। इलेक्ट्रिक होने के कारण इन मशीनों से सफाई के दौरान पारंपरिक ईंधन आधारित मशीनों की तुलना में स्थानीय स्तर पर उत्सर्जन भी कम रखने में मदद मिलेगी।

NCAP के तहत प्रदूषण कम करने की कोशिश

नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम केंद्र सरकार की ओर से शुरू किया गया कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य देश के शहरों में वायु प्रदूषण को कम करना और हवा की गुणवत्ता में सुधार करना है। इसके तहत शहरों में प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों की पहचान कर उन्हें नियंत्रित करने के लिए विभिन्न कदम उठाए जाते हैं।

सड़क की सफाई, निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण, कचरा प्रबंधन और प्रदूषणकारी गतिविधियों पर निगरानी जैसे उपाय इस दिशा में महत्वपूर्ण हैं।

सड़कों की सफाई से हवा की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद

नगर निगम की इस योजना से शहर की प्रमुख सड़कों और अधिक धूल वाले इलाकों में सफाई व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है। 20 इलेक्ट्रिक रोड स्वीपिंग मशीनें आने के बाद सड़क की धूल को नियंत्रित करने के प्रयासों को गति मिल सकती है।

हालांकि, केवल मशीनों से ही वायु प्रदूषण की समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होगी। इसके लिए निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल पर नियंत्रण, सड़कों की नियमित सफाई और अन्य प्रदूषण स्रोतों पर भी प्रभावी कार्रवाई जरूरी होगी।