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मंदसौर में तेज बारिश से राहत, काका गाडगिल सागर बांध के 4 गेट खुले, भैसाखेड़ा मार्ग बंद
 

 

मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में लगातार बारिश के बाद अब तेज बारिश का दौर कुछ कम हुआ है, लेकिन जलाशयों में पानी की आवक बढ़ने से प्रशासन की चुनौतियां बनी हुई हैं। काका गाडगिल सागर बांध में जलस्तर बढ़ने के बाद बांध के चार गेट खोल दिए गए हैं। बांध से पानी की निकासी शुरू होने के साथ ही आसपास के क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। वहीं, पानी भरने के कारण भैसाखेड़ा मार्ग को आवागमन के लिए बंद कर दिया गया है।

बताया जा रहा है कि जिले में पिछले दिनों हुई तेज बारिश के चलते नदी-नालों और जलाशयों में पानी की आवक बढ़ गई थी। लगातार बारिश के कारण काका गाडगिल सागर बांध का जलस्तर भी तेजी से बढ़ा। स्थिति को देखते हुए बांध के चार गेट खोले गए हैं, जिससे अतिरिक्त पानी की निकासी की जा सके। बांध से पानी छोड़े जाने के बाद निचले इलाकों में प्रशासन की ओर से निगरानी रखी जा रही है।

बारिश में राहत मिलने से लोगों ने जरूर राहत की सांस ली है, लेकिन जलभराव और नदी-नालों में बढ़े जलस्तर के कारण कई रास्तों पर परेशानी बनी हुई है। भैसाखेड़ा मार्ग पर पानी आने के कारण सड़क पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। मार्ग बंद होने से स्थानीय लोगों और आसपास के गांवों से आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

प्रशासन की ओर से लोगों को पानी से भरे रास्तों पर जाने से बचने की सलाह दी जा रही है। खासकर नदी, नाले और बांध के आसपास रहने वाले लोगों से सतर्क रहने को कहा गया है। जलस्तर बढ़ने की स्थिति में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए भी तैयार रहने की जरूरत है।

काका गाडगिल सागर बांध से पानी की निकासी के कारण आसपास के जलस्रोतों में भी पानी का स्तर बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। जल संसाधन विभाग बांध के जलस्तर और गेटों से छोड़े जा रहे पानी की निगरानी कर रहा है।

भैसाखेड़ा मार्ग बंद होने से यातायात प्रभावित हुआ है। स्थानीय स्तर पर वैकल्पिक रास्तों के इस्तेमाल की जरूरत पड़ रही है। मार्ग पर पानी कम होने और सड़क की स्थिति सामान्य होने के बाद ही इसे दोबारा यातायात के लिए खोला जा सकेगा।

मंदसौर में बारिश से फिलहाल राहत मिलने के बावजूद जलाशयों में बढ़े पानी और कई स्थानों पर जलभराव को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रशासन की प्राथमिकता बांध से पानी की सुरक्षित निकासी और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा बनाए रखना है। आने वाले दिनों में बारिश की स्थिति और बांध के जलस्तर के आधार पर आगे के फैसले लिए जाएंगे