ग्वालियर के डबरा में 3 साल के मासूम का अपहरण, पड़ोसी बच्चे की सूचना से मिला सुराग; आरोपी की तलाश में पुलिस जुटी
मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा में तीन साल के मासूम के अपहरण का मामला सामने आया है। बुधवार दोपहर घर के आंगन में खेल रहा बच्चा अचानक लापता हो गया। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन जब बच्चे का कोई पता नहीं चला तो पुलिस को सूचना दी गई। मामले में एक पड़ोसी बच्चे ने अहम जानकारी देते हुए बताया कि होतम उर्फ करिया प्रजापति नाम का व्यक्ति मासूम को बाइक पर बैठाकर ले गया था।
घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
आंगन में खेल रहा था मासूम, अचानक हुआ गायब
जानकारी के अनुसार, डबरा क्षेत्र में रहने वाला तीन वर्षीय बच्चा बुधवार दोपहर अपने घर के आंगन में खेल रहा था। कुछ देर बाद जब परिजनों की नजर बच्चे पर पड़ी तो वह वहां मौजूद नहीं था। इसके बाद परिवार वालों ने आसपास के इलाके में बच्चे की तलाश शुरू कर दी।
काफी खोजबीन के बाद भी बच्चे का कोई सुराग नहीं मिला। परिजनों ने आसपास के लोगों से पूछताछ की, जिसके बाद एक पड़ोसी बच्चे ने बताया कि उसने होतम उर्फ करिया प्रजापति को मासूम को बाइक पर बैठाकर ले जाते हुए देखा था।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ शुरू की कार्रवाई
मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों से पूरी जानकारी ली। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस टीम आरोपी की तलाश में जुट गई है। साथ ही आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है, ताकि आरोपी की गतिविधियों और बच्चे को ले जाने के रास्ते का पता लगाया जा सके।
आरोपी की तलाश में जुटीं पुलिस टीमें
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बच्चे को सुरक्षित बरामद करना उनकी पहली प्राथमिकता है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और उससे जुड़े लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज कर दी है। वहीं, परिजन बच्चे की सकुशल वापसी को लेकर चिंतित हैं।
इलाके में चिंता का माहौल
तीन साल के मासूम के अपहरण की घटना से डबरा क्षेत्र में चिंता का माहौल है। स्थानीय लोगों ने पुलिस से जल्द से जल्द बच्चे को बरामद करने और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। अब सभी की नजर पुलिस की कार्रवाई पर है कि कब तक मासूम को सुरक्षित बरामद किया जाता है और आरोपी को गिरफ्तार किया जाता है।