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नामांतरण घोटाले में 356 खातों में हेरफेर की पुष्टि, तीन की सेवा समाप्त और दो निलंबित; साइबर क्राइम में दर्ज होगा मामला

 

राजस्थान में नामांतरण घोटाले से जुड़े मामले में जांच के दौरान 356 खातों में हेरफेर की पुष्टि हुई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच के आधार पर तीन कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी गई है, जबकि दो कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। अब पूरे मामले में साइबर क्राइम के तहत प्रकरण दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।

जांच में सामने आया है कि नामांतरण प्रक्रिया से जुड़े रिकॉर्ड और खातों में अनियमित तरीके से बदलाव किए गए। 356 खातों में हेरफेर की पुष्टि होने के बाद संबंधित अधिकारियों ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि रिकॉर्ड में बदलाव किस स्तर पर और किस तरीके से किए गए।

तीन कर्मचारियों की सेवा समाप्त

घोटाले में भूमिका सामने आने के बाद तीन कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उनकी सेवा समाप्त कर दी गई है। वहीं दो अन्य कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जिसकी भी भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासनिक स्तर पर की गई इस कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप की स्थिति है। नामांतरण जैसे महत्वपूर्ण राजस्व कार्य में रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ को गंभीर अनियमितता माना जा रहा है।

साइबर क्राइम में दर्ज होगा मामला

356 खातों में हेरफेर की पुष्टि के बाद अब मामले को साइबर क्राइम से भी जोड़कर जांच की जाएगी। इसके लिए पुलिस में प्रकरण दर्ज कराया जाएगा। साइबर विशेषज्ञों की मदद से यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि रिकॉर्ड में डिजिटल तरीके से किस प्रकार बदलाव किए गए और इसमें किन लोगों की भूमिका रही।

जांच एजेंसियां संबंधित डिजिटल रिकॉर्ड, लॉग और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच कर सकती हैं। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि हेरफेर कब किया गया और इसके पीछे कौन लोग शामिल थे।

बड़े नेटवर्क की भी जांच संभव

इतनी बड़ी संख्या में खातों में हेरफेर सामने आने के बाद मामले में किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा रहा है। प्रशासन की जांच का दायरा बढ़ सकता है। अधिकारियों की ओर से रिकॉर्ड में किए गए बदलाव और उससे जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।

फिलहाल तीन कर्मचारियों की सेवा समाप्त करने और दो को निलंबित करने की कार्रवाई की जा चुकी है। साइबर क्राइम में मामला दर्ज होने के बाद जांच आगे बढ़ेगी और दोषियों की भूमिका स्पष्ट होने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।