एमपी में आज दीपोत्सव, उज्जैन में जलेंगे 35 लाख दीपक: जगमगाएगा शिप्रा तट; 3 हजार पुलिसकर्मी तैनात, 26 हजार वालंटियर संभालेंगे जिम्मेदारी
मध्य प्रदेश के उज्जैन में आज दीपोत्सव का भव्य आयोजन होने जा रहा है। धार्मिक नगरी उज्जैन में शिप्रा नदी का तट लाखों दीपों की रोशनी से जगमगाएगा। आयोजन को लेकर प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। इस दौरान शिप्रा के घाटों पर करीब 35 लाख दीपक जलाए जाएंगे। दीपोत्सव को लेकर शहर में उत्साह का माहौल है और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की संभावना है।
दीपोत्सव के दौरान शिप्रा नदी के घाटों पर एक साथ लाखों दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। इससे पूरा घाट क्षेत्र रोशनी से जगमगा उठेगा। आयोजन को सफल बनाने के लिए हजारों वालंटियरों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। करीब 26 हजार वालंटियर दीप सजाने और उन्हें निर्धारित स्थानों पर व्यवस्थित करने में सहयोग करेंगे। प्रशासन की ओर से दीपों को जलाने से लेकर कार्यक्रम के दौरान व्यवस्थाएं बनाए रखने के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं।
शिप्रा तट पर खास इंतजाम
दीपोत्सव को लेकर शिप्रा नदी के प्रमुख घाटों पर विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। घाटों पर दीपक निर्धारित पैटर्न और स्थानों पर लगाए गए हैं। आयोजन के दौरान दीप प्रज्ज्वलन का कार्यक्रम आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहेगा। शाम होते ही घाटों पर दीप जलने के साथ पूरा क्षेत्र रोशनी से नहा उठेगा।
इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद है। इसे देखते हुए प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन, यातायात और सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम किए हैं। घाटों और आसपास के संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा।
3 हजार पुलिसकर्मी संभालेंगे सुरक्षा
दीपोत्सव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए करीब 3 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। पुलिसकर्मी घाटों के साथ-साथ शहर के प्रमुख मार्गों, प्रवेश और निकास बिंदुओं तथा भीड़ वाले क्षेत्रों में तैनात रहेंगे। भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार निगरानी रखेंगी।
यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए भी विशेष प्लान तैयार किया गया है। श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने पर वाहनों के दबाव को देखते हुए कई स्थानों पर ट्रैफिक डायवर्जन और पार्किंग व्यवस्था लागू की जा सकती है।
26 हजार वालंटियर निभाएंगे अहम भूमिका
35 लाख दीपों को व्यवस्थित तरीके से जलाने में करीब 26 हजार वालंटियरों की भूमिका अहम होगी। वालंटियर दीपों की व्यवस्था, श्रद्धालुओं को दिशा देने और आयोजन स्थल पर विभिन्न व्यवस्थाओं में सहयोग करेंगे। इतने बड़े स्तर पर दीप प्रज्ज्वलन के कारण आयोजन को लेकर प्रशासन और स्वयंसेवकों के बीच लगातार समन्वय किया जा रहा है।
उज्जैन का यह दीपोत्सव धार्मिक आस्था के साथ-साथ शहर के लिए एक बड़े सांस्कृतिक आयोजन के रूप में भी महत्वपूर्ण है। लाखों दीपों से जगमगाते शिप्रा तट का दृश्य श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए खास आकर्षण रहेगा। प्रशासन ने आयोजन को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।