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सिरदर्द और बुखार में खुद से पेनकिलर लेना पड़ा भारी, 31 वर्षीय नंदराम की बिगड़ी तबीयत

 

बुखार, सिरदर्द या शरीर में दर्द होने पर अक्सर लोग डॉक्टर से सलाह लेने के बजाय पास के मेडिकल स्टोर से पेनकिलर खरीदकर खा लेते हैं। दर्द कम होते ही उन्हें लगता है कि समस्या ठीक हो गई है। लेकिन बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा लेना कई बार गंभीर परेशानी का कारण बन सकता है। ऐसा ही मामला 31 वर्षीय नंदराम के साथ सामने आया, जिन्हें सामान्य दर्द समझकर पेनकिलर लेना भारी पड़ गया।

नंदराम को बुखार और शरीर में दर्द की शिकायत हुई थी। उन्होंने डॉक्टर से परामर्श लेने के बजाय मेडिकल स्टोर से पेनकिलर दवा लेकर सेवन कर लिया। दवा लेने के बाद दर्द में राहत मिली तो उन्होंने इसे बीमारी ठीक होने का संकेत मान लिया। हालांकि बाद में उनकी तबीयत बिगड़ने लगी।

दर्द कम होना बीमारी ठीक होने का संकेत नहीं

विशेषज्ञों के मुताबिक पेनकिलर दर्द और बुखार जैसे लक्षणों को कुछ समय के लिए कम कर सकती है, लेकिन इसके पीछे मौजूद बीमारी का इलाज जरूरी नहीं कि हो जाए। यही वजह है कि केवल लक्षण कम होने को बीमारी ठीक होने का संकेत मानना खतरनाक हो सकता है।

कई बार बुखार और शरीर में दर्द किसी संक्रमण या अन्य स्वास्थ्य समस्या के संकेत हो सकते हैं। ऐसे में बिना कारण जाने दवा लेने से बीमारी की पहचान में देरी हो सकती है।

खुद से दवा लेने की आदत पड़ सकती है भारी

मेडिकल स्टोर से बिना डॉक्टर की सलाह दवा लेना आम होता जा रहा है। लोग छोटी-मोटी तकलीफ को सामान्य मानकर खुद ही दवा का चुनाव कर लेते हैं। खासकर दर्द और बुखार के लिए पेनकिलर का इस्तेमाल काफी ज्यादा किया जाता है।

हालांकि हर व्यक्ति के लिए हर दवा सुरक्षित नहीं होती। दवा की मात्रा, मरीज की उम्र, दूसरी दवाएं और पहले से मौजूद स्वास्थ्य समस्याओं के आधार पर डॉक्टर दवा तय करते हैं।

डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी

नंदराम का मामला लोगों के लिए भी एक सबक है कि लगातार बुखार, दर्द या अन्य लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यदि दवा लेने के बावजूद परेशानी बनी रहती है या तबीयत बिगड़ती है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

विशेषज्ञों का कहना है कि बिना चिकित्सकीय सलाह के पेनकिलर का बार-बार इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। दर्द दबाने के बजाय उसके कारण का पता लगाना ज्यादा जरूरी है।

नंदराम के मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि मामूली समझकर खुद से दवा लेना कितना जोखिम भरा हो सकता है। शरीर में होने वाले किसी भी असामान्य बदलाव को नजरअंदाज करने के बजाय समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना ही सुरक्षित रास्ता है।