सागर SDM कोर्ट से जमीन विवाद की 3 अहम फाइलें गायब, चार साल से न्याय की आस में भटक रहे आवेदक
मध्य प्रदेश के सागर में SDM कोर्ट से जमीन विवाद से जुड़ी तीन महत्वपूर्ण फाइलें रहस्यमयी तरीके से गायब होने का मामला सामने आया है। इन फाइलों से जुड़े आवेदक करीब चार साल से न्याय की उम्मीद में सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें राहत नहीं मिल सकी है। आरोप है कि फाइलों के गायब होने के मामले में प्रशासनिक स्तर पर ठोस कार्रवाई करने के बजाय केवल औपचारिकता निभाई जा रही है।
मामला सागर SDM कोर्ट से जुड़ा है, जहां जमीन विवाद से संबंधित प्रकरणों की सुनवाई चल रही थी। इन मामलों से जुड़े दस्तावेज और रिकॉर्ड अचानक उपलब्ध नहीं होने के बाद संबंधित पक्षों की परेशानी बढ़ गई है।
चार साल से दफ्तरों के चक्कर
फाइलों से जुड़े आवेदकों का कहना है कि वे पिछले करीब चार वर्षों से अपने जमीन विवाद के निराकरण के लिए प्रशासनिक कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। उन्हें उम्मीद थी कि SDM कोर्ट में चल रहे मामलों के आधार पर विवाद का समाधान होगा, लेकिन रिकॉर्ड ही गायब होने के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है।
आवेदकों का आरोप है कि उन्होंने कई बार अधिकारियों के सामने अपनी समस्या रखी, लेकिन उन्हें हर बार आश्वासन ही मिला। लंबे समय तक मामला लंबित रहने के बाद अब फाइलों के गायब होने का मुद्दा गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
रिकॉर्ड गायब होने से उठे सवाल
सरकारी न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों का इस तरह गायब होना प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। जमीन विवाद के मामलों में फाइलों में आवेदन, पक्षकारों के दस्तावेज, आदेश और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड मौजूद होते हैं। ऐसे में फाइलों के उपलब्ध नहीं होने से संबंधित पक्षों को काफी नुकसान हो सकता है।
आवेदकों का कहना है कि यदि फाइलें गायब हो गई हैं तो उनकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। साथ ही रिकॉर्ड को दोबारा तैयार कर मामलों की सुनवाई जल्द शुरू की जानी चाहिए।
प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल
मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर फाइलों की तलाश और रिकॉर्ड से संबंधित जानकारी जुटाने की प्रक्रिया की जा रही है। हालांकि आवेदकों का आरोप है कि कार्रवाई की गति धीमी है और उन्हें अब तक कोई ठोस समाधान नहीं मिला है।
चार साल से लंबित मामलों के कारण आवेदकों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। जमीन विवादों में समय बीतने के साथ परिस्थितियां और जटिल हो सकती हैं। ऐसे में संबंधित लोगों ने प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच कराने और गायब फाइलों की जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि SDM कोर्ट की तीन महत्वपूर्ण फाइलें आखिर कहां गईं और इतने लंबे समय तक इनके गायब होने का पता क्यों नहीं चल पाया। यदि रिकॉर्ड वास्तव में कार्यालय से गायब हुए हैं तो यह प्रशासनिक रिकॉर्ड की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल है।
फिलहाल आवेदक न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं और चाहते हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच हो, फाइलों का पता लगाया जाए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही लंबित जमीन विवादों का जल्द से जल्द निराकरण कर उन्हें राहत दी जाए।