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25 प्रत्याशी मैदान में, आज नाम वापसी का अंतिम दिन; सिंधिया को चुनाव प्रभारी बनाए जाने की अफवाह पर विराम

 

मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद कुल 25 प्रत्याशी मैदान में हैं। हालांकि, बुधवार को नाम वापसी की प्रक्रिया के बाद उम्मीदवारों की अंतिम सूची सामने आएगी, जिसके बाद चुनावी मुकाबले की तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी।

उपचुनाव को लेकर सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रत्याशी जनसंपर्क अभियान में जुट गए हैं और मतदाताओं तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, प्रशासन भी चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने की तैयारियों में लगा है।

नाम वापसी के बाद साफ होगी चुनावी तस्वीर

निर्वाचन प्रक्रिया के तहत नाम वापसी का आज अंतिम दिन है। इसके बाद जिन उम्मीदवारों के नाम अंतिम सूची में रहेंगे, उन्हें चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे। राजनीतिक दलों की नजर इस बात पर भी है कि कितने निर्दलीय या अन्य दलों के प्रत्याशी मैदान में बने रहते हैं, क्योंकि इससे चुनावी समीकरण प्रभावित हो सकते हैं।

सिंधिया को चुनाव प्रभारी बनाए जाने की अफवाह पर विराम

उपचुनाव के बीच केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को दतिया उपचुनाव का चुनाव प्रभारी बनाए जाने की चर्चाएं भी राजनीतिक गलियारों में चल रही थीं। हालांकि, इन अटकलों पर अब विराम लग गया है। पार्टी की ओर से ऐसी किसी नियुक्ति की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में चल रही चर्चाओं में फिलहाल कोई तथ्य सामने नहीं आया है।

सभी दलों ने झोंकी ताकत

दतिया उपचुनाव को प्रतिष्ठा का चुनाव माना जा रहा है। इसे देखते हुए प्रमुख राजनीतिक दल पूरी ताकत के साथ चुनाव प्रचार में जुटे हैं। नेताओं के दौरे, जनसभाएं और संगठनात्मक बैठकों का दौर लगातार जारी है। स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के विषय भी चुनाव प्रचार का हिस्सा बन रहे हैं।

प्रशासन ने पूरी की तैयारियां

निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मतदान केंद्रों की व्यवस्थाओं, सुरक्षा और चुनावी आचार संहिता के पालन पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

अब सभी की नजर नाम वापसी की प्रक्रिया पर है, जिसके बाद दतिया उपचुनाव में अंतिम उम्मीदवारों की तस्वीर साफ होगी और चुनाव प्रचार और अधिक गति पकड़ने की संभावना है।