रीवा में 15 पटवारी सस्पेंड, 127 को कारण बताओ नोटिस; स्वामित्व योजना में लापरवाही पर कलेक्टर का एक्शन
मध्य प्रदेश के रीवा जिले में स्वामित्व योजना के काम में कथित लापरवाही को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी के निर्देश पर 15 पटवारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं, 127 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। संबंधित एसडीएम ने निलंबन के आदेश जारी किए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग में हलचल तेज हो गई है।
समय पर काम पूरा नहीं करने पर कार्रवाई
प्रशासन के मुताबिक, स्वामित्व योजना के तहत पटवारियों को जमीन से जुड़े सर्वे, भौतिक सत्यापन और राजस्व अभिलेख तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इन कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करना था, ताकि ग्रामीणों को उनकी संपत्ति से संबंधित अधिकार अभिलेख उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ सके।
अधिकारियों की समीक्षा में कुछ पटवारियों के काम में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने की बात सामने आई। बताया गया कि संबंधित कर्मचारियों को पहले भी काम में सुधार करने और तय समय पर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद प्रगति संतोषजनक नहीं होने पर निलंबन की कार्रवाई की गई।
127 पटवारियों से मांगा जवाब
जिला प्रशासन ने 127 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इन कर्मचारियों से काम में देरी और निर्धारित निर्देशों के पालन में कमी को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है।नोटिस मिलने के बाद संबंधित पटवारियों को अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा। उनके जवाब और विभागीय जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जा सकती है। फिलहाल प्रशासन का लक्ष्य स्वामित्व योजना के लंबित कार्यों को गति देना और तय समयसीमा में पूरा कराना है।
स्वामित्व योजना को लेकर प्रदेशभर में विवाद
रीवा में यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब मध्य प्रदेश में स्वामित्व योजना के काम को लेकर पटवारी संगठन और सरकार के बीच विवाद चल रहा है। पटवारी संघ का विरोध संपत्ति पंजीयन से जुड़ी प्रक्रिया में पटवारियों की भूमिका को लेकर है। संगठन को आशंका है कि दस्तावेजों पर निष्पादक के रूप में हस्ताक्षर करने से भविष्य में जमीन संबंधी विवादों और कानूनी मामलों में उनकी जिम्मेदारी बढ़ सकती है।
इस विवाद के चलते प्रदेश के कई जिलों में राजस्व संबंधी कामकाज प्रभावित होने की खबरें भी सामने आई हैं। हालांकि, रीवा जिला प्रशासन ने अपनी कार्रवाई का आधार निर्धारित कार्यों में कथित लापरवाही और समय पर प्रगति नहीं होने को बताया है। ग्रामीणों को संपत्ति का अधिकार दिलाना है उद्देश्य
स्वामित्व योजना का उद्देश्य ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों में संपत्तियों का सर्वेक्षण और सत्यापन कर पात्र गों को संपत्ति संबंधी अधिकार अभिलेख उपलब्ध कराने में मदद करना है। इसके लिए जमीन की स्थिति, स्वामित्व और राजस्व रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी तैयार करना महत्वपूर्ण होता है।अब निगाह इस बात पर रहेगी कि नोटिस पाने वाले 127 पटवारी क्या जवाब देते हैं और निलंबित कर्मचारियों के मामलों में विभागीय प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ती है।