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गुरु पूर्णिमा पर आस्था का महासंगम: दादाजी धूनीवाले मंदिर में 1.5 लाख श्रद्धालु, वीडियो में जाने इंजीनियर और कारोबारी ने त्यागा सांसारिक जीवन

 

गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर बुधवार को मध्य प्रदेश के संत-समाधि स्थलों, आश्रमों और गुरु मंदिरों में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। प्रदेशभर में गुरु वंदन, विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजनों के बीच भक्तों ने अपने गुरुजनों का आशीर्वाद लिया। खंडवा, उज्जैन, सीहोर और हरदा समेत कई धार्मिक स्थलों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं।

खंडवा में 12 घंटे में डेढ़ लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

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खंडवा स्थित प्रसिद्ध श्री दादाजी धूनीवाले मंदिर में गुरु पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। मंगलवार रात 8 बजे से बुधवार सुबह 8 बजे तक करीब 1.5 लाख श्रद्धालुओं ने बड़े दादाजी श्री केशवानंद महाराज और छोटे दादाजी श्री हरिहरानंद महाराज की समाधियों के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।मंदिर परिसर में पूरी रात भक्तों की आवाजाही जारी रही। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। भीड़ को देखते हुए प्रशासन और मंदिर समिति ने सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं के विशेष इंतजाम किए।

उज्जैन में दो युवकों ने अपनाया संन्यास

उज्जैन के मौनी आश्रम में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर दो युवकों ने सांसारिक जीवन का त्याग कर संन्यास ग्रहण किया।इनमें बिहार के 25 वर्षीय मनीष कुमार शामिल हैं, जिन्होंने एयर इंडिया में मैकेनिकल इंजीनियर की नौकरी छोड़ दी। वहीं बरेली निवासी 35 वर्षीय संचित शर्मा ने मुंबई में अपना प्लेसमेंट एजेंसी का कारोबार छोड़कर आध्यात्मिक जीवन अपनाया।दोनों ने सनातन परंपरा के अनुसार अपना पिंडदान करने के बाद संन्यास की दीक्षा ली। इस दौरान आश्रम में मौजूद श्रद्धालुओं ने इस आध्यात्मिक परिवर्तन का साक्षी बनकर उनका उत्साहवर्धन किया।

कुबेरेश्वर धाम में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

सीहोर के कुबेरेश्वर धाम में कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के सान्निध्य में हजारों श्रद्धालुओं ने गुरु वंदन और विशेष पूजा-अर्चना की।पंडित प्रदीप मिश्रा ने अपने संबोधन में गुरु पूर्णिमा के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु ही वह माध्यम हैं, जो मनुष्य को अज्ञान से ज्ञान की ओर ले जाते हैं। उन्होंने गुरु-शिष्य परंपरा को भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी धरोहर बताया।

हरदा में 125 साल पुराने मंदिर में विशेष आयोजन

हरदा के 125 वर्ष पुराने पट्टाभिराम मंदिर में चल रहे आठ दिवसीय गुरु पूर्णिमा महोत्सव के तहत ब्रह्म मुहूर्त में काकड़ा आरती का आयोजन किया गया। इसके बाद रिमझिम बारिश के बीच श्रद्धालुओं ने प्रभातफेरी निकाली।प्रभातफेरी के दौरान मार्ग में आने वाले विभिन्न मंदिरों में ध्वज पूजन किया गया। पूरे क्षेत्र में भजन-कीर्तन और धार्मिक जयघोष से भक्तिमय वातावरण बना रहा।

प्रदेशभर में दिखी आस्था की अनूठी तस्वीर

गुरु पूर्णिमा के अवसर पर मध्य प्रदेश के विभिन्न धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं ने अपने गुरुजनों का पूजन कर आशीर्वाद लिया। कहीं समाधि स्थलों पर दर्शन के लिए लंबी कतारें लगीं तो कहीं लोगों ने सांसारिक जीवन त्यागकर आध्यात्मिक मार्ग चुना। गुरु पूर्णिमा के इस पर्व ने एक बार फिर भारतीय संस्कृति में गुरु-शिष्य परंपरा की गहरी आस्था और आध्यात्मिक महत्व को उजागर किया।