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एमपी में जहरीली शराब से 15 मौतें, सागर में 109 मरीज भर्ती; 30 नामजद आरोपी, 10 गिरफ्तार

 

मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों का आंकड़ा बढ़कर 15 पहुंच गया है। इस हादसे के बाद प्रशासन और पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। मामले में लाइसेंसी शराब ठेकेदारों समेत करीब 30 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है, जिनमें से 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

109 मरीज अस्पताल में भर्ती

जहरीली शराब पीने के बाद बड़ी संख्या में लोगों की तबीयत बिगड़ी। सागर के अस्पतालों में अब तक 109 मरीजों को भर्ती कराया गया है, जिनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। डॉक्टरों की टीम लगातार मरीजों की निगरानी कर रही है और गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए रेफर किया जा रहा है।बताया जा रहा है कि प्रभावित लोग सागर जिले के बंडा क्षेत्र और आसपास के गांवों के रहने वाले हैं। शराब पीने के बाद लोगों को उल्टी, पेट दर्द और तबीयत बिगड़ने जैसी शिकायतें हुईं, जिसके बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया।

नकली शराब रैकेट की आशंका

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मामले में नकली शराब सप्लाई करने वाले गिरोह की भूमिका हो सकती है। जांच में शराब की बोतलों पर लगे रैपर और क्यूआर कोड के नकली होने की बात भी सामने आई है। प्रशासन ने कुछ शराब दुकानों को सील कर जांच शुरू कर दी है।जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि जहरीली शराब कहां तैयार की गई और इसे किन-किन लोगों के माध्यम से सप्लाई किया गया।

ठेकेदारों समेत 30 लोगों पर केस

पुलिस ने मामले में लाइसेंसी शराब ठेकेदारों समेत करीब 30 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

प्रशासन ने शुरू की कार्रवाई

घटना के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर जांच के आदेश दिए गए हैं। प्रशासन ने प्रभावित गांवों में मेडिकल टीमों को तैनात किया है और घर-घर जाकर ऐसे लोगों की पहचान की जा रही है, जिन्होंने शराब का सेवन किया था या जिनकी तबीयत खराब है।वहीं, मामले में आबकारी विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। सरकार ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

परिवारों में पसरा मातम

इस हादसे के बाद मृतकों के परिवारों में मातम का माहौल है। कई परिवारों ने अपने कमाने वाले सदस्यों को खो दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि अवैध शराब के कारोबार पर सख्त कार्रवाई की जरूरत है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।फिलहाल पुलिस और प्रशासन की टीमें पूरे मामले की जांच में जुटी हैं। जांच रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही जहरीली शराब के स्रोत और जिम्मेदार लोगों की पूरी जानकारी सामने आ सकेगी।