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एमपी के 14 आईपीएस अफसर 26 दिन की ट्रेनिंग पर, शुरू होने के 9 दिन बाद गृह विभाग ने जारी किया तैनाती आदेश

 

मध्य प्रदेश पुलिस के 14 आईपीएस अधिकारियों का चयन हैदराबाद स्थित नेशनल पुलिस अकादमी में 26 दिन के प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए किया गया है। 28वें मिड करियर ट्रेनिंग प्रोग्राम (एमसीटीपी) फेज-3 के तहत यह प्रशिक्षण 26 अक्टूबर से 20 नवंबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।

हालांकि, इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के बीच गृह विभाग के आदेश जारी करने के समय को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ट्रेनिंग 26 अक्टूबर से शुरू हो गई थी, लेकिन अधिकारियों की अनुपस्थिति में उनके विभागों और जिम्मेदारियों का काम संभालने के लिए प्रभारी अफसरों की तैनाती का आदेश 3 नवंबर को जारी किया गया। यानी प्रशिक्षण शुरू होने के करीब 9 दिन बाद विभाग ने यह आदेश जारी किया।

26 अक्टूबर से शुरू हुआ प्रशिक्षण कार्यक्रम

नेशनल पुलिस अकादमी, हैदराबाद में आयोजित 28वें एमसीटीपी फेज-3 के लिए मध्य प्रदेश के 14 आईपीएस अधिकारियों का चयन किया गया है। यह प्रशिक्षण 26 अक्टूबर से शुरू होकर 20 नवंबर 2026 तक चलेगा। कुल 26 दिनों के इस कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को मिड करियर ट्रेनिंग दी जा रही है।

इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य अधिकारियों को पुलिस प्रशासन, नेतृत्व क्षमता और विभागीय कार्यप्रणाली से जुड़े विषयों में प्रशिक्षित करना होता है। इसमें शामिल अधिकारियों को निर्धारित अवधि तक अकादमी में रहना होता है।

ट्रेनिंग के 9 दिन बाद जारी हुआ तैनाती आदेश

प्रशिक्षण में शामिल अधिकारियों की अनुपस्थिति के दौरान उनके विभागों का काम प्रभावित न हो, इसके लिए प्रभारी अधिकारियों की नियुक्ति की जाती है। मध्य प्रदेश के गृह विभाग ने इस संबंध में 3 नवंबर को आदेश जारी किया।

खास बात यह है कि प्रशिक्षण कार्यक्रम 26 अक्टूबर को ही शुरू हो चुका था। ऐसे में आदेश जारी होने में 9 दिन का अंतर रहा। इस अवधि में संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारियों का निर्वहन किस व्यवस्था के तहत किया गया, यह अलग सवाल है।

20 नवंबर तक चलेगा प्रशिक्षण

एमसीटीपी फेज-3 का प्रशिक्षण 20 नवंबर 2026 तक निर्धारित है। इसके बाद अधिकारी अपने नियमित पदस्थापना स्थल पर लौटेंगे और पूर्व निर्धारित जिम्मेदारियां संभालेंगे। गृह विभाग के आदेश के तहत प्रभारी अधिकारी तब तक संबंधित विभागों और कार्यों की जिम्मेदारी संभालेंगे।

इस पूरे मामले में आदेश जारी होने के समय को लेकर प्रशासनिक प्रक्रिया पर चर्चा हो सकती है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में आदेश जारी करने में देरी की वजह या इस दौरान विभागीय कामकाज पर पड़े प्रभाव का विवरण नहीं दिया गया है।