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जबलपुर-बरेला मार्ग हादसा: महिला श्रमिकों की मौतों का आंकड़ा बढ़ा, फरार चालक की तलाश जारी

 

जबलपुर-बरेला मार्ग पर रविवार को हुए दर्दनाक सड़क हादसे में महिला श्रमिकों की मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार दोपहर तक इलाज के दौरान तीन और महिलाओं ने दम तोड़ दिया, जिससे अब तक इस हादसे में कुल पांच महिला श्रमिकों की मौत हो चुकी है। वहीं, दो घायल महिलाएं गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं और उनका इलाज जारी है।

हादसा उस समय हुआ जब सड़क किनारे लगी लोहे की ग्रील की रंगाई कर रही महिला श्रमिकों पर तेज रफ्तार कार ने धावा बोल दिया। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि वाहन इतनी तेजी से आया कि महिलाओं को बचाने का कोई अवसर नहीं मिल सका। हादसे के तुरंत बाद कार चालक मौके से फरार हो गया, और पुलिस उसकी तलाश में लगी हुई है।

स्थानीय लोगों और श्रमिकों के अनुसार, यह मार्ग अक्सर व्यस्त रहता है, लेकिन तेज रफ्तार और सुरक्षा इंतजामों की कमी हादसों का मुख्य कारण बनती है। सड़क के किनारे काम करने वाली श्रमिकों की सुरक्षा के लिए कोई सुरक्षा बैरियर या चेतावनी बोर्ड नहीं था। इस घटना ने न केवल पीड़ित परिवारों को बल्कि पूरे इलाके के लोगों को शोक और आक्रोश में डाल दिया है।

अस्पताल प्रशासन ने बताया कि गंभीर रूप से घायल दो महिलाओं का इलाज चल रहा है और उनकी हालत अभी स्थिर नहीं है। चिकित्सकों ने कहा कि घायल महिलाएं अत्यधिक चोटों और आंतरिक क्षति के कारण खतरे में हैं, लेकिन सभी संभव उपचार किए जा रहे हैं।

पुलिस ने बताया कि फरार चालक की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों की मदद ली जा रही है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की मदद मिलने पर आरोपी को तुरंत गिरफ्तार किया जाएगा। स्थानीय प्रशासन ने कहा कि वह हादसे की गहन जांच कर रहा है और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सड़क किनारे सुरक्षा उपायों को बढ़ाएगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि सड़क किनारे काम करने वाली श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अत्यंत जरूरी है। ऐसे मार्गों पर सुरक्षा बार, चेतावनी बोर्ड और वाहन गति पर नियंत्रण न होने से हादसों की संभावना बढ़ जाती है। उन्होंने अधिकारियों से अपील की है कि श्रमिक सुरक्षा नीतियों को सख्ती से लागू किया जाए।

पीड़ित परिवारों में मातम का माहौल है। कई परिवारों का कहना है कि यह हादसा उनकी जिंदगी को हमेशा के लिए बदल कर रख दिया। परिवारों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि मृतकों के परिजनों को वित्तीय सहायता और न्याय सुनिश्चित किया जाए।

जबलपुर-बरेला मार्ग पर हुए इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और श्रमिक सुरक्षा की अनदेखी पर सवाल खड़ा कर दिया है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि दुर्घटना की पूरी जांच होगी और जिम्मेदार लोगों को कानून के तहत सजा दिलाई जाएगी।

इस हादसे ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सड़क किनारे काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण अब और जरूरी हो गया है। फरार चालक की जल्द गिरफ्तारी और घायल महिलाओं के सुरक्षित इलाज के लिए पुलिस और प्रशासन लगातार काम कर रहे हैं।