DK शिवकुमार के ‘12 विधायकों की दो शादियां’ वाले बयान पर बवाल, वीडियो में जाने BJP ने मांगे नाम
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के विधानसभा में दिए एक बयान को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। शिवकुमार ने बेंगलुरु में बढ़ते शहरीकरण और आबादी का जिक्र करते हुए दावा किया कि राज्य के करीब एक दर्जन विधायक ऐसे हैं, जिन्होंने दो शादियां की हैं। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा कि बेंगलुरु आने वाले लोग वापस नहीं जाते और यहां आने वाले कई विधायक भी शहर में ही बस गए हैं। उनके इस बयान के बाद भाजपा नेताओं ने शिवकुमार से उन विधायकों के नाम सार्वजनिक करने की मांग की है।
दरअसल, शिवकुमार ने गुरुवार को विधानसभा में बेंगलुरु के तेजी से बढ़ते शहरीकरण पर बात करते हुए यह टिप्पणी की। उन्होंने बेंगलुरु के विकास का जिक्र करते हुए कहा कि शहर में आने वाले लोग वापस नहीं लौटते। इसी दौरान उन्होंने विधायकों का उदाहरण देते हुए कहा कि यहां आने वाले करीब एक दर्जन विधायकों की दो शादियां हैं और वह उनकी सूची दे सकते हैं। हालांकि, उन्होंने विधानसभा में किसी भी विधायक का नाम नहीं बताया।
शिवकुमार ने कथित तौर पर धारवाड़ और दक्षिण कन्नड़ समेत कुछ जिलों से आने वाले विधायकों का उदाहरण देने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि बेंगलुरु आने वाले वकील भी अक्सर शहर में ही रह जाते हैं। मुख्यमंत्री की टिप्पणी का संदर्भ बेंगलुरु की बढ़ती आबादी और शहर पर बढ़ते दबाव से था।मुख्यमंत्री के बयान के बाद भाजपा नेताओं ने इस पर आपत्ति जताई। विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक ने शिवकुमार से उन विधायकों के नाम बताने को कहा, जिनका उन्होंने जिक्र किया था। भाजपा नेता एस सुरेश कुमार ने भी टिप्पणी की आलोचना करते हुए कहा कि अगर मुख्यमंत्री ने यह बात मजाक में कही थी, तब भी विधानसभा के पटल पर ऐसी टिप्पणी से विधायकों के बारे में अनावश्यक जिज्ञासा पैदा हुई है। भाजपा नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री को या तो अपने दावे के बारे में स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए या फिर नाम सार्वजनिक करने चाहिए।
बेंगलुरु की आबादी का मुद्दा भी इस विवाद की पृष्ठभूमि में महत्वपूर्ण है। बेंगलुरु अर्बन जिला प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक 2011 की जनगणना में जिले की कुल आबादी 96,21,551 थी, जिसमें शहरी आबादी करीब 87.5 लाख थी। सरकारी आंकड़ों में पिछले दशक में जिले की आबादी में तेज वृद्धि दर्ज की गई थी।शिवकुमार की टिप्पणी ऐसे समय आई है जब बेंगलुरु में तेजी से बढ़ती आबादी, ट्रैफिक, आवास, पानी और शहरी बुनियादी ढांचे पर लगातार चर्चा होती रही है। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में इसी व्यापक शहरीकरण के संदर्भ में लोगों के शहर में आकर स्थायी रूप से बसने की बात कही थी। हालांकि, उनके ‘दो शादियों’ वाले बयान ने मूल मुद्दे से अलग राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है। फिलहाल मुख्यमंत्री की ओर से उन कथित विधायकों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। भाजपा की ओर से नाम बताने की मांग के बाद अब यह देखना होगा कि शिवकुमार अपने बयान को लेकर आगे कोई स्पष्टीकरण देते हैं या संबंधित विधायकों के नाम सामने रखते हैं।