कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन की अटकलें तेज, डीके शिवकुमार बन सकते हैं मुख्यमंत्री! 4 डिप्टी CM फॉर्मूले पर चर्चा
Karnataka की राजनीति में बड़े बदलाव की चर्चाएं तेज हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक राज्य में सत्ता परिवर्तन लगभग तय माना जा रहा है और उपमुख्यमंत्री D. K. Shivakumar को मुख्यमंत्री बनाए जाने की तैयारी चल रही है। कांग्रेस नेतृत्व के स्तर पर इसको लेकर मंथन तेज है और अब केवल आधिकारिक घोषणा का इंतजार बताया जा रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार नई सरकार में संतुलन बनाए रखने के लिए 4 डिप्टी मुख्यमंत्री बनाए जाने का फॉर्मूला भी तैयार किया गया है। पार्टी हाईकमान अलग-अलग क्षेत्रों और समुदायों को प्रतिनिधित्व देने की रणनीति पर काम कर रहा है। सूत्रों का दावा है कि संभावित डिप्टी सीएम के नामों पर भी लगभग सहमति बन चुकी है।
बताया जा रहा है कि मंगलवार को दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge, सांसद Rahul Gandhi, मुख्यमंत्री Siddaramaiah और डीके शिवकुमार के बीच लंबी बैठक हुई। करीब 6 घंटे चली इस बैठक में सत्ता परिवर्तन और संगठनात्मक संतुलन को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
सूत्रों के मुताबिक बैठक में राहुल गांधी ने सिद्धारमैया से मुख्यमंत्री पद छोड़ने का आग्रह किया और उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी भूमिका देने का प्रस्ताव रखा। चर्चा यह भी है कि सिद्धारमैया को राज्यसभा भेजा जा सकता है। हालांकि कांग्रेस की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पार्टी नेतृत्व कर्नाटक में आगामी राजनीतिक समीकरणों और लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए यह बदलाव करना चाहता है। डीके शिवकुमार लंबे समय से मुख्यमंत्री पद के प्रमुख दावेदार माने जाते रहे हैं और पार्टी संगठन में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।
सूत्रों का यह भी कहना है कि नए सत्ता समीकरण में विभिन्न जातीय और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए चार डिप्टी सीएम बनाए जा सकते हैं। इससे पार्टी के भीतर असंतोष कम करने और सभी गुटों को साधने की कोशिश की जा रही है।
हालांकि कांग्रेस की ओर से अभी तक किसी भी नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पार्टी नेताओं का कहना है कि अंतिम फैसला हाईकमान द्वारा उचित समय पर घोषित किया जाएगा।
फिलहाल कर्नाटक की राजनीति में हलचल तेज है और सभी की नजर कांग्रेस नेतृत्व के अगले कदम पर टिकी हुई है। अब देखना होगा कि पार्टी कब औपचारिक ऐलान करती है और राज्य की सत्ता में क्या बड़ा बदलाव देखने को मिलता है।