झारखंड में मतदाता सूची पुनरीक्षण: मैपिंग प्रक्रिया में रांची सबसे पीछे, 34% डेटा अभी लंबित
झारखंड में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) से पहले चल रही मतदाताओं की मैपिंग प्रक्रिया में बड़ी खामियां सामने आई हैं। राज्यभर में जारी इस प्रक्रिया के तहत रांची जिला अब तक सबसे निचले पायदान पर बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार, रांची जिले में करीब 34 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग अभी तक पूरी नहीं हो सकी है, जो प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल खड़े कर रही है। यह प्रक्रिया आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
मैपिंग प्रक्रिया के तहत मतदाताओं के रिकॉर्ड को आधार, पते और अन्य विवरणों से मिलान किया जा रहा है, ताकि डुप्लीकेट या त्रुटिपूर्ण प्रविष्टियों को हटाया जा सके और वास्तविक मतदाता सूची तैयार की जा सके। लेकिन रांची में धीमी प्रगति के कारण इस काम की गति प्रभावित हुई है।
निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, कई इलाकों में डेटा संग्रह और सत्यापन में तकनीकी और जमीनी स्तर की दिक्कतें सामने आ रही हैं। वहीं कुछ स्थानों पर लोगों की भागीदारी कम होने की वजह से भी प्रक्रिया धीमी पड़ी है।
राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि वे इस कार्य में तेजी लाएं, ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी मतदाता सूची को अपडेट किया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि यह प्रक्रिया चुनावी पारदर्शिता और निष्पक्षता के लिए बेहद जरूरी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मैपिंग प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं होती है, तो इसका असर आगामी चुनावी तैयारियों और मतदान प्रक्रिया पर भी पड़ सकता है। फिलहाल प्रशासन ने रांची जिले में विशेष टीमों को सक्रिय कर दिया है और काम में तेजी लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।