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दीवाली से पहले मिठाई बनाना हुआ महंगा, चीनी-बेसन से लेकर काजू-बादाम तक के बढ़े दाम; एक महीने में कीमतों में तेजी

 

दीवाली से पहले बाजार में मिठाइयों की मांग बढ़ने लगी है, लेकिन इस बार मिठाई तैयार करना कारोबारियों के साथ-साथ आम लोगों के लिए भी महंगा पड़ सकता है। पिछले एक महीने में मिठाइयों और पकवानों में इस्तेमाल होने वाली कई खाद्य सामग्रियों की कीमतों में तेजी आई है। चीनी, अरहर दाल, बेसन, मैदा, सूजी, आटा और चना समेत कई जरूरी खाद्य पदार्थ महंगे हो गए हैं। वहीं, काजू, बादाम और पिस्ता जैसे ड्राई फ्रूट्स के दाम भी बढ़े हैं।

त्योहार के दौरान घरों में मिठाइयां और पकवान बनाने की परंपरा है। इसके अलावा मिठाई की दुकानों पर भी लड्डू, बर्फी, काजू कतली, बेसन के लड्डू और अन्य मिठाइयों की तैयारी बड़े स्तर पर होती है। ऐसे में खाद्य सामग्री की कीमतों में बढ़ोतरी का असर मिठाई कारोबार पर पड़ सकता है।

चीनी, बेसन और सूजी के दाम बढ़े

पिछले एक महीने के दौरान मिठाई बनाने में इस्तेमाल होने वाली कई प्रमुख सामग्रियों की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है। चीनी के साथ बेसन, मैदा, सूजी और आटे के दाम बढ़ने से मिठाइयों और नमकीन की लागत बढ़ सकती है। चना और अरहर दाल की कीमतों में भी वृद्धि हुई है।

बेसन का इस्तेमाल लड्डू, सेव और कई तरह की मिठाइयां बनाने में किया जाता है। वहीं, मैदा और सूजी से भी त्योहारों पर कई तरह के पकवान तैयार किए जाते हैं। इन सामग्रियों के महंगे होने से घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।

काजू-बादाम और पिस्ता भी महंगे

ड्राई फ्रूट्स की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है। काजू, बादाम और पिस्ता के दाम बढ़ने से काजू कतली, ड्राई फ्रूट्स मिठाई और अन्य महंगी मिठाइयों की लागत बढ़ सकती है। त्योहार के समय इनकी मांग अधिक रहती है, इसलिए कीमतों में तेजी का असर बाजार में दिखाई दे सकता है।

मिठाई कारोबार की लागत बढ़ने की आशंका

खाद्य सामग्री और ड्राई फ्रूट्स महंगे होने से मिठाई दुकानदारों की उत्पादन लागत बढ़ सकती है। इसका असर आने वाले दिनों में मिठाइयों की खुदरा कीमतों पर भी पड़ने की आशंका है। हालांकि, मिठाइयों के दाम कितने बढ़ेंगे, यह दुकानदारों की लागत, स्थानीय बाजार और मांग पर निर्भर करेगा।

फिलहाल, दीवाली से पहले जरूरी खाद्य सामग्रियों की कीमतों में आई तेजी ने त्योहार की खरीदारी का बजट बढ़ा दिया है।