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JPSC-JSSC पेपर लीक मामले में छात्रों का आंदोलन तेज, 10 दिन बाद सरकार ने बनाई कमेटी; वीडियो में जाने 6 अगस्त को विधानसभा मार्च का ऐलान

 

झारखंड की राजधानी रांची में JPSC और JSSC परीक्षाओं में पेपर लीक के आरोपों को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। पिछले 10 दिनों से छात्र जयपाल सिंह स्टेडियम में धरना देकर अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद कर रहे हैं। आंदोलनकारी छात्र दिल्ली के जंतर-मंतर की तर्ज पर प्रदर्शन कर रहे हैं और सरकार से परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। छात्रों की प्रमुख मांग है कि JPSC और JSSC की विवादित परीक्षाओं को रद्द किया जाए और पेपर लीक मामले में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। छात्रों का आरोप है कि पेपर लीक जैसी घटनाएं युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं और इससे मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हो रहा है।

मशाल जुलूस समेत कई प्रदर्शन कर चुके छात्र

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अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए आंदोलनकारी छात्रों ने कई तरह के प्रदर्शन किए हैं। छात्रों ने मशाल जुलूस निकालकर विरोध जताया और सरकार से जल्द कार्रवाई की मांग की।प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि वे लंबे समय से परीक्षा व्यवस्था में सुधार और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि पेपर लीक की घटनाओं के कारण लाखों अभ्यर्थियों का विश्वास परीक्षा प्रणाली से उठ रहा है।

10 दिन बाद बातचीत के लिए तैयार हुई सरकार

लगातार प्रदर्शन के बीच झारखंड सरकार ने अब छात्रों से बातचीत की पहल की है। सरकार ने छात्रों की समस्याओं और मांगों पर चर्चा के लिए एक कमेटी गठित करने का निर्णय लिया है।हालांकि, आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि अभी तक हेमंत सोरेन सरकार का कोई भी प्रतिनिधि मौके पर पहुंचकर उनसे बातचीत करने नहीं आया है। छात्रों का कहना है कि केवल कमेटी बनाने से समाधान नहीं होगा, बल्कि सरकार को सीधे बातचीत कर ठोस निर्णय लेना चाहिए।

6 अगस्त को विधानसभा मार्च का ऐलान

छात्र आंदोलन मंच ने अब आंदोलन को और तेज करने का फैसला किया है। मंच की ओर से 6 अगस्त को विधानसभा मार्च का आह्वान किया गया है। छात्रों ने कहा है कि जब तक उनकी मांगों पर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।आंदोलनकारियों का दावा है कि उनके समर्थन में बिहार, पश्चिम बंगाल, दिल्ली और गुजरात समेत कई राज्यों के छात्र और सामाजिक संगठन भी आगे आ रहे हैं। छात्रों का कहना है कि यह केवल झारखंड के युवाओं का मुद्दा नहीं है, बल्कि पूरे देश में प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता से जुड़ा सवाल है।

सरकार के सामने बढ़ी चुनौती

JPSC और JSSC पेपर लीक विवाद ने झारखंड में एक बार फिर परीक्षा व्यवस्था और भर्ती प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रों के लगातार प्रदर्शन के बीच सरकार के सामने चुनौती है कि वह जल्द से जल्द मामले का समाधान निकाले और अभ्यर्थियों का भरोसा बहाल करे।अब सभी की नजरें सरकार और छात्रों के बीच होने वाली बातचीत पर टिकी हैं। अगर बातचीत से समाधान नहीं निकलता है तो 6 अगस्त का विधानसभा मार्च आंदोलन को नई दिशा दे सकता है।