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ED के खिलाफ SC-ST केस में CM हेमंत सोरेन को झटका… झारखंड हाई कोर्ट ने लगाया जुर्माना, जानें क्यों हुआ एक्शन
 

 

झारखंड हाईकोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारियों के खिलाफ दर्ज SC-ST एक्ट के मामले में जवाब दाखिल करने में देरी पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पक्ष पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अदालत ने जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है और मामले की अगली सुनवाई 2 नवंबर 2026 को निर्धारित की है। जुर्माने की राशि झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (JHALSA) में जमा करने का निर्देश दिया गया है। 

मामला ED अधिकारियों की याचिका से जुड़ा

यह मामला रांची के SC-ST थाने में ED के तत्कालीन अधिकारियों के खिलाफ दर्ज की गई प्राथमिकी से जुड़ा है। ED अधिकारियों कपिल राज, देवव्रत झा समेत अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर प्राथमिकी और उसके आधार पर शुरू हुई आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने की मांग की है। अधिकारियों की ओर से मामले में कानूनी राहत की मांग की गई है। 

हेमंत सोरेन की ओर से लगाए गए थे आरोप

रिपोर्टों के मुताबिक, हेमंत सोरेन की ओर से 31 जनवरी 2024 को रांची के SC-ST थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इसमें ED अधिकारियों पर पूछताछ और जांच के दौरान कथित उत्पीड़न तथा अधिकारों के उल्लंघन के आरोप लगाए गए थे। प्राथमिकी में कपिल राज, देवव्रत झा, अनुपम कुमार, अमन पटेल समेत अन्य अधिकारियों के नाम सामने आए थे।ED अधिकारियों ने इसके बाद हाईकोर्ट का रुख किया और प्राथमिकी के साथ-साथ उसके आधार पर शुरू की गई कार्रवाई को चुनौती दी। अदालत ने पहले ही ED अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा रखी है।

जवाब दाखिल करने के लिए मांगा गया था और समय

गुरुवार को मामले की सुनवाई के दौरान हेमंत सोरेन पक्ष की ओर से अदालत से जवाब दाखिल करने के लिए और समय मांगा गया। कोर्ट ने पाया कि इस मामले में पहले भी सुनवाई टालने या जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा जा चुका है। इसके बाद अदालत ने 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया और जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।

चार सप्ताह का समय, 2 नवंबर को अगली सुनवाई

अदालत ने सोरेन पक्ष को जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है। इसके साथ ही अगली सुनवाई के लिए 2 नवंबर की तारीख तय की गई है। अब अगली सुनवाई में अदालत के सामने इस मामले से जुड़े जवाब और ED अधिकारियों की ओर से दाखिल याचिका पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सुनवाई होगी।इस मामले में हाईकोर्ट का फैसला प्राथमिकी को चुनौती देने वाली ED अधिकारियों की याचिका और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर आगे की सुनवाई में सामने आएगा।अतिरिक्त प्रतीक हटाकर साफ करेंहेडलाइन को अधिक सटीक बनाएंदोहराव कम करके खबर कसें