झारखंड में 30 अगस्त तक जारी रहेगा बारिश का दौर, छह जिलों में सामान्य से ज्यादा बरसात; संताल-पलामू में मानसून कमजोर
झारखंड में मानसून की गतिविधियां जारी हैं और मौसम विभाग के अनुसार 30 अगस्त तक राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर बना रह सकता है। हालांकि, प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश की स्थिति एक जैसी नहीं है। उत्तरी झारखंड के संताल परगना और पलामू क्षेत्र में मानसून अपेक्षाकृत कमजोर बना हुआ है, जबकि कोल्हान और रांची समेत राज्य के छह जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है।
बारिश के इस असमान वितरण के कारण कहीं किसान अच्छी बरसात से राहत महसूस कर रहे हैं तो कहीं कम बारिश वाले क्षेत्रों में खेती को लेकर चिंता बनी हुई है।
30 अगस्त तक बारिश का अनुमान
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक झारखंड में अगले कुछ दिनों तक मानसूनी गतिविधियां बनी रहेंगी। 30 अगस्त तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर बारिश की तीव्रता अधिक भी हो सकती है।
मौसम में बदलाव के कारण कई इलाकों में बादल छाए रहने और तापमान में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रह सकती है। लोगों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
संताल और पलामू में मानसून कमजोर
राज्य के उत्तरी हिस्सों में इस समय मानसून की सक्रियता अपेक्षाकृत कम है। संताल परगना और पलामू के कई इलाकों में सामान्य की तुलना में कम बारिश दर्ज की गई है।
इन क्षेत्रों में बारिश कम होने का असर खेती पर पड़ सकता है। किसानों के लिए मानसून की नियमित बारिश बेहद महत्वपूर्ण है, खासकर खरीफ फसलों के लिए। आने वाले दिनों में यदि इन इलाकों में पर्याप्त बारिश होती है तो बारिश की कमी कुछ हद तक पूरी हो सकती है।
छह जिलों में सामान्य से अधिक बारिश
दूसरी ओर, झारखंड के कुछ जिलों में मानसून मेहरबान रहा है। कोल्हान और रांची समेत छह जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है।
इन क्षेत्रों में हुई अच्छी बारिश से जलस्रोतों और खेती को फायदा मिल सकता है। हालांकि, बहुत अधिक बारिश होने पर निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित होने जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं।
बारिश के असमान वितरण से चुनौती
झारखंड में मानसून के दौरान बारिश का क्षेत्रवार असमान वितरण अक्सर देखने को मिलता है। एक ओर जहां कुछ जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हो रही है, वहीं दूसरे इलाकों में बारिश की कमी बनी हुई है।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले दिनों में मानसून की सक्रियता में बदलाव से इन आंकड़ों में भी परिवर्तन हो सकता है। खासकर 30 अगस्त तक होने वाली बारिश कम बारिश वाले क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
किसानों की नजर मौसम पर
राज्य में खरीफ फसलों की स्थिति के लिए किसान लगातार आसमान की ओर देख रहे हैं। जिन क्षेत्रों में पर्याप्त बारिश हुई है, वहां खेती को राहत मिली है, जबकि कम बारिश वाले इलाकों में किसान आगे अच्छी बरसात की उम्मीद कर रहे हैं।
फिलहाल झारखंड में 30 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। संताल और पलामू में मानसून कमजोर जरूर है, लेकिन कोल्हान और रांची समेत छह जिलों में सामान्य से अधिक बारिश ने राज्य के बारिश के आंकड़ों को संतुलित किया है।