धनबाद में भिड़े सांसद-विधायक, दिशा की बैठक में ढुलू महतो और अरूप चटर्जी में बहस; क्या थी वजह
धनबाद में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति यानी दिशा की बैठक के दौरान सांसद ढुलू महतो और निरसा विधायक अरूप चटर्जी आमने-सामने आ गए। बुधवार को हुई बैठक में ट्रॉमा सेंटर के निर्माण का मुद्दा उठा, जिस पर दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस हुई। दोनों ने ट्रॉमा सेंटर की योजना के अटकने के लिए अलग-अलग सरकारों और स्तरों को जिम्मेदार बताया।
बैठक में सांसद ढुलू महतो ने धनबाद में ट्रॉमा सेंटर नहीं बनने के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की लापरवाही के कारण योजना अब तक आगे नहीं बढ़ सकी है। धनबाद के तोपचांची और निरसा में ट्रॉमा सेंटर बनाने का प्रस्ताव होने के बावजूद यह योजना अभी तक फाइलों में ही अटकी हुई है। सांसद ने बाघमारा में ट्रॉमा सेंटर का प्रस्ताव दिए जाने की बात भी कही।
अरूप चटर्जी ने केंद्र सरकार पर उठाए सवाल
सांसद के आरोप पर निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने अलग रुख रखा। उन्होंने कहा कि ट्रॉमा सेंटर बनाने की मंजूरी केंद्र सरकार से जुड़ी है और केंद्र से अनुमति नहीं मिलने के कारण योजना लंबित है। इसी दौरान विधायक ने सांसद से कहा कि उन्हें इस मामले की पूरी जानकारी नहीं है।
विधायक की बात पर सांसद ढुलू महतो नाराज हो गए। इसके बाद बैठक में कुछ देर तक दोनों के बीच तीखी बहस होती रही। बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो ने भी बाघमारा में ट्रॉमा सेंटर नहीं बनने के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार बताया। इस पर अरूप चटर्जी ने उनसे कहा कि वे पहली बार विधायक बने हैं और पहले मामले की पूरी जानकारी हासिल करें।
कागज दिखाने की मांग, विधायक ने सौंपे दस्तावेज
विवाद बढ़ने पर सांसद ढुलू महतो और गिरिडीह सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी ने अरूप चटर्जी से कहा कि वे यह दिखाएं कि ट्रॉमा सेंटर केंद्र सरकार की वजह से अटका हुआ है। इसके बाद अरूप चटर्जी ने बैठक में स्वास्थ्य विभाग के सचिव की ओर से केंद्र सरकार को भेजे गए पत्र की कॉपी दोनों सांसदों को उपलब्ध कराई।
विधायक ने कहा कि यदि केंद्र से मंजूरी लंबित है तो दोनों सांसद केंद्र सरकार से इस मामले में मंजूरी दिलाएं। इस दौरान बैठक का माहौल कुछ देर के लिए गर्म हो गया।
पुराना विवाद भी आया नजर
ढुलू महतो और अरूप चटर्जी के बीच पिछले कुछ महीनों से राजनीतिक मुद्दों को लेकर मतभेद सामने आते रहे हैं। दिशा की बैठक में ट्रॉमा सेंटर का मुद्दा उठने के साथ एक बार फिर दोनों नेताओं के बीच टकराव देखने को मिला। हालांकि बैठक में जिले की विकास योजनाओं समेत कई अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
दिशा की बैठक करीब आठ महीने बाद हुई थी। इसमें 100 से अधिक विकास योजनाओं की समीक्षा की गई। दुर्गा पूजा के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था, सड़क, बिजली, पानी और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने चर्चा की।