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Jharkhand News: SIR अभियान के दौरान महिला BLO पर पैसे मांगने का आरोप, गढ़वा DC ने दिए जांच के आदेश

 

झारखंड के गढ़वा जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान एक महिला बीएलओ (BLO) पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि मतदाता सूची से जुड़े फॉर्म भरवाने के नाम पर महिला बीएलओ ने लोगों से पैसे की मांग की।

मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है। गढ़वा के उपायुक्त (DC) ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। वहीं, संबंधित महिला बीएलओ ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताया है।

फॉर्म भरवाने के नाम पर पैसे मांगने का आरोप

जानकारी के अनुसार, SIR अभियान के तहत मतदाता सूची के सत्यापन और नए मतदाताओं से जुड़े फॉर्म भरवाने का काम चल रहा है। इसी दौरान कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि एक महिला बीएलओ ने फॉर्म भरने और प्रक्रिया पूरी करने के लिए पैसे की मांग की।

स्थानीय लोगों की शिकायत के बाद यह मामला प्रशासन के संज्ञान में आया। इसके बाद अधिकारियों ने जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।

BLO ने आरोपों को बताया गलत

आरोपों के बाद महिला बीएलओ ने सफाई देते हुए कहा कि उन पर लगाए गए आरोप पूरी तरह गलत हैं। उन्होंने किसी भी व्यक्ति से पैसे मांगने की बात से इनकार किया है।

बीएलओ का कहना है कि वह चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं और उन पर लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

उपायुक्त ने दिए जांच के निर्देश

गढ़वा के उपायुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि शिकायत में कितनी सच्चाई है और क्या वास्तव में किसी तरह की अनियमितता हुई है।

अधिकारियों का कहना है कि जांच में दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

SIR अभियान में पारदर्शिता पर जोर

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और अपडेट करना है। इस दौरान बीएलओ की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि वे घर-घर जाकर मतदाताओं से जानकारी जुटाते हैं।

ऐसे में किसी भी तरह की अनियमितता या पैसे मांगने की शिकायत को प्रशासन गंभीरता से ले रहा है।

जांच रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई

फिलहाल मामले की जांच जारी है। प्रशासन की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आरोप सही हैं या फिर गलतफहमी के कारण विवाद खड़ा हुआ।

गढ़वा में सामने आए इस मामले के बाद SIR अभियान से जुड़े कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे हैं। अब सभी की नजर प्रशासन की जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है।