×

Jharkhand Naxal Operation: 20 लाख का इनामी माओवादी कमांडर रविंद्र गंझू गिरफ्तार, AK-56 समेत हथियार बरामद

 

झारखंड पुलिस और सुरक्षा बलों को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने 20 लाख रुपये के इनामी माओवादी रीजनल कमांडर रविंद्र गंझू को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी लातेहार जिले से की गई है।

पुलिस के अनुसार, रविंद्र गंझू के पास से AK-56 राइफल समेत कई हथियार और अन्य सामान बरामद किए गए हैं। उस पर हत्या, लूट, रंगदारी और नक्सली गतिविधियों से जुड़े 50 से अधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस उसे कई बड़े नक्सली हमलों का मास्टरमाइंड भी बता रही है।

लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर था गंझू

जानकारी के मुताबिक, रविंद्र गंझू लंबे समय से प्रतिबंधित माओवादी संगठन में सक्रिय था और संगठन में उसकी अहम भूमिका थी। वह क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों को संचालित करने वाले प्रमुख कमांडरों में शामिल था।

सुरक्षा एजेंसियां काफी समय से उसकी तलाश कर रही थीं। उसके खिलाफ कई जिलों में मामले दर्ज थे और उस पर सरकार की ओर से इनाम घोषित किया गया था।

AK-56 समेत हथियार बरामद

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके पास से AK-56 राइफल और अन्य हथियार बरामद किए हैं। सुरक्षा बल अब बरामद हथियारों और अन्य सामान की जांच कर रहे हैं।

पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हाल के दिनों में वह किन नक्सली गतिविधियों में शामिल था और उसके नेटवर्क में कौन-कौन लोग सक्रिय हैं।

कई बड़े नक्सली हमलों में भूमिका का आरोप

पुलिस के अनुसार, रविंद्र गंझू कई बड़े नक्सली हमलों में शामिल रहा है। उस पर सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने, ग्रामीणों में भय फैलाने और हिंसक घटनाओं को अंजाम देने के आरोप हैं।

उसकी गिरफ्तारी को झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

नक्सल मुक्त झारखंड अभियान को मजबूती

झारखंड पुलिस लगातार राज्य से नक्सली गतिविधियों को खत्म करने के लिए अभियान चला रही है। अधिकारियों का कहना है कि बड़े कमांडरों की गिरफ्तारी से माओवादी संगठन की कमर कमजोर हो रही है।

पुलिस के मुताबिक, रविंद्र गंझू की गिरफ्तारी सुरक्षा बलों के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता है और इससे क्षेत्र में सक्रिय नक्सली नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।

पूछताछ में खुल सकते हैं कई राज

फिलहाल गिरफ्तार माओवादी कमांडर से पूछताछ की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां उसके संपर्कों, संगठन की गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं से जुड़ी जानकारी जुटाने में लगी हैं।

पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान नक्सली संगठन से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं, जिससे आने वाले समय में और कार्रवाई की जा सकेगी।