हेमंत सोरेन को हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत, PMLA कोर्ट में आरोप तय करने की राह साफ
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जुड़े बड़गाईं जमीन और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बुधवार को हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली। झारखंड हाईकोर्ट ने रांची की विशेष PMLA अदालत में उनके खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। इसके बाद विशेष अदालत में कार्यवाही आगे बढ़ी और बुधवार को हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप तय कर दिए गए। मामले में सोरेन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश हुए।
8.86 एकड़ जमीन से जुड़ा है मामला
यह मामला रांची के बड़गाईं इलाके की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़ा है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) का आरोप है कि जमीन के कथित अवैध अधिग्रहण और हस्तांतरण में फर्जी दस्तावेजों और भूमि रिकॉर्ड में हेरफेर का इस्तेमाल किया गया। इसी मामले से जुड़ी कथित मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत सोरेन को आरोपी बनाया गया है।
ED की जांच के आधार पर इस मामले में कुल 17 लोगों को आरोपी बनाया गया है। विशेष PMLA अदालत पहले ही अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर चुकी थी और हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया बाकी थी।
हाईकोर्ट में सोरेन ने मांगी थी रोक
हेमंत सोरेन की ओर से झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर विशेष PMLA अदालत की कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग की गई थी। उनकी दलील थी कि ED की जांच अभी जारी है और जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक आरोप तय करने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़नी चाहिए।
हालांकि हाईकोर्ट ने तत्काल कार्यवाही पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। अदालत ने ED से जवाब दाखिल करने को कहा है और मामले की आगे की सुनवाई के लिए तारीख तय की है। हाईकोर्ट में सोरेन की याचिका पर सुनवाई अभी जारी रहेगी।
सोरेन ने आरोपों को बताया गलत
विशेष अदालत में आरोप तय होने के दौरान हेमंत सोरेन ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों से इनकार किया। उनके वकील के मुताबिक सोरेन ने खुद को निर्दोष बताया और आरोपों को गलत तथा आधारहीन कहा। बचाव पक्ष ने हाईकोर्ट में भी मामले की कार्यवाही को चुनौती दी है।
आरोप तय होना किसी आरोपी को दोषी ठहराने के बराबर नहीं होता। अब मामले में ट्रायल की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, जिसमें अभियोजन पक्ष अपने साक्ष्य और गवाह पेश करेगा तथा बचाव पक्ष को अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा।
30 नवंबर से शुरू होगी आगे की सुनवाई
विशेष PMLA अदालत ने आरोप तय करने के बाद मामले को ट्रायल के लिए आगे बढ़ा दिया है। रिपोर्टों के मुताबिक अगली सुनवाई 30 नवंबर को निर्धारित की गई है। इस दौरान मामले में गवाहों और साक्ष्यों की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।
इस तरह हेमंत सोरेन के खिलाफ जमीन से जुड़े इस मनी लॉन्ड्रिंग मामले में न्यायिक प्रक्रिया अब आरोप तय होने के बाद ट्रायल के चरण में पहुंच गई है। वहीं, हाईकोर्ट में उनकी याचिका पर कानूनी कार्यवाही अलग से जारी रहेगी।