झारखंड में ओलावृष्टि और आंधी-बारिश का कहर, कई जिलों में भारी नुकसान; मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
झारखंड की राजधानी रांची सहित खूंटी और आसपास के कई जिलों में रविवार को अचानक बदले मौसम ने भारी तबाही मचा दी। तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और भीषण ओलावृष्टि के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। कई स्थानों पर बड़े आकार के ओले गिरने से वाहनों और फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार कुछ इलाकों में करीब 400 ग्राम तक वजनी ओले गिरे, जिससे कारों के शीशे टूट गए और घरों की छतों को भी नुकसान हुआ। अचानक आई इस प्राकृतिक आपदा से लोग दहशत में आ गए और सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए।
ग्रामीण क्षेत्रों में इस ओलावृष्टि का सबसे अधिक असर कृषि पर पड़ा है। खेतों में खड़ी फसलें, विशेषकर सब्जियां और दलहन, पूरी तरह से बर्बाद हो गई हैं। किसानों का कहना है कि कुछ ही मिनटों की बारिश और ओलों ने महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह स्थिति वायुमंडलीय अस्थिरता और सक्रिय मौसमी सिस्टम के कारण बनी है, जिससे अचानक भारी बारिश और ओलावृष्टि की घटनाएं हुईं। कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की घटनाएं भी दर्ज की गईं, जिससे लोग और अधिक सतर्क हो गए हैं।
इस बीच भारतीय मौसम विभाग ने राज्य के लिए अगले चार दिनों तक अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार झारखंड में वज्रपात, तेज हवाएं और बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं, जिससे और नुकसान की आशंका बनी हुई है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान घरों के अंदर रहें और खुले स्थानों या पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें। किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएं।
रांची और खूंटी के अलावा राज्य के अन्य हिस्सों में भी मौसम का असर देखा गया है। कई जगहों पर बिजली आपूर्ति बाधित हुई और सड़क यातायात भी प्रभावित हुआ। प्रशासनिक टीमें नुकसान का आकलन करने में जुटी हुई हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि बदलते मौसम पैटर्न और जलवायु परिवर्तन के कारण इस तरह की अचानक और तीव्र मौसमी घटनाएं बढ़ रही हैं। आने वाले दिनों में भी सतर्क रहने की आवश्यकता है।
फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।