JSSC CGL परीक्षा रद्द होने के बाद बढ़ा विवाद, वीडियो में सफल अभ्यर्थी बोले- कल तक सरकारी कर्मचारी थे, आज बेरोजगार
झारखंड में छात्र आंदोलन के बीच राज्य सरकार ने 17 अगस्त को बड़ा फैसला लेते हुए JSSC CGL परीक्षा रद्द कर दी। आंदोलन के 24वें दिन सरकार ने परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी TDPL की ओर से आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा की। इसके साथ ही सरकार ने साल 2014 से अब तक हुई सभी नियुक्ति परीक्षाओं की जांच कराने का भी ऐलान किया है। सरकार के इस फैसले से आंदोलन कर रहे छात्रों में खुशी है, लेकिन JSSC CGL परीक्षा पास कर चुके अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ गई है। परीक्षा रद्द होने के बाद सफल अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने लंबे इंतजार और मेहनत के बाद परीक्षा पास की थी। अब परीक्षा रद्द होने से उनका भविष्य अनिश्चित हो गया है। कई अभ्यर्थियों ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि कल तक वे खुद को सरकारी कर्मचारी मान रहे थे, लेकिन आज दोबारा बेरोजगार होने की स्थिति में पहुंच गए हैं।
सफल अभ्यर्थियों के सामने नई परेशानी
JSSC CGL परीक्षा में सफल उम्मीदवारों के लिए सरकार का फैसला बड़ा झटका माना जा रहा है। इन अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने भर्ती प्रक्रिया के सभी चरणों को पूरा किया और परिणाम के बाद नौकरी की उम्मीद लगाए बैठे थे। अब पूरी परीक्षा रद्द होने से उनके सामने दोबारा परीक्षा देने और चयन प्रक्रिया में शामिल होने की चुनौती खड़ी हो गई है।अभ्यर्थियों का सवाल है कि अगर परीक्षा में गड़बड़ी हुई थी तो जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए थी। परीक्षा पास करने वाले सभी उम्मीदवारों को इसका खामियाजा क्यों भुगतना पड़ रहा है।
छात्रों की CBI जांच की मांग बरकरार
सरकार के फैसले से आंदोलन कर रहे छात्रों को राहत जरूर मिली है, लेकिन उनकी मुख्य मांग अभी पूरी नहीं हुई है। छात्र नेता रवींद्र पासवान ने कहा कि आंदोलनकारी सरकार के नोटिफिकेशन का अध्ययन करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक CBI जांच की मांग स्वीकार नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।छात्र नेताओं का कहना है कि केवल परीक्षा रद्द करना पर्याप्त नहीं है। वे पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच चाहते हैं, ताकि कथित अनियमितताओं के पीछे जिम्मेदार लोगों की पहचान हो सके और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
20 अगस्त के आंदोलन पर आज फैसला
छात्र आंदोलन के अगले चरण को लेकर भी जल्द फैसला लिया जाएगा। छात्र नेताओं के मुताबिक को कमेटी की बैठक में 20 अगस्त को प्रस्तावित मुख्यमंत्री आवास घेराव को लेकर चर्चा होगी। बैठक में तय किया जाएगा कि सरकार के नए फैसले के बाद आंदोलन को किस दिशा में आगे बढ़ाया जाए।छात्र संगठनों ने संकेत दिया है कि सरकार के नोटिफिकेशन का अध्ययन करने के बाद ही आगे की रणनीति तय की जाएगी। हालांकि CBI जांच की मांग पूरी होने तक आंदोलन खत्म करने के संकेत नहीं दिए गए हैं।
राहुल गांधी ने सरकार के फैसले की तारीफ की
झारखंड सरकार के फैसले पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया के जरिए प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार के निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि छात्रों की बात सुनी गई और उनकी मांगों को ध्यान में रखते हुए फैसला लिया गया।अब सरकार के फैसले के बाद सबसे बड़ी चुनौती JSSC CGL में सफल अभ्यर्थियों को लेकर होगी। सरकार को यह स्पष्ट करना होगा कि परीक्षा रद्द होने के बाद इन उम्मीदवारों के भविष्य को किस तरह सुरक्षित किया जाएगा। वहीं दूसरी ओर आंदोलनकारी छात्र CBI जांच की मांग पर कायम हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में झारखंड में छात्र आंदोलन और तेज होने की संभावना बनी हुई है।