रांची में 60 साल पुरानी बस्ती पर चला बुलडोजर, पथराव करने पर पुलिस ने किया लाठीचार्ज; कई जख्मी
रांची के सेटेलाइट चौक के पास बुधवार को एचईसी की जमीन पर किए गए अतिक्रमण को हटाने के दौरान जमकर हंगामा हुआ। अतिक्रमण हटाने के लिए पहुंची टीम की कार्रवाई का स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन करते हुए मार्ग को जाम कर दिया। इससे इलाके में यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई और मौके पर तनाव की स्थिति बन गई।
बताया जा रहा है कि एचईसी की जमीन पर लंबे समय से अतिक्रमण किए जाने की शिकायतें सामने आ रही थीं। इसी के बाद संबंधित टीम बुधवार को अतिक्रमण हटाने के लिए मौके पर पहुंची। कार्रवाई शुरू होते ही वहां मौजूद लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। लोगों का कहना था कि बिना पर्याप्त व्यवस्था और वैकल्पिक इंतजाम के अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है।
विरोध कर रहे लोगों ने सड़क पर आकर रास्ता रोक दिया। सड़क जाम होने की वजह से सेटेलाइट चौक और आसपास के इलाकों में वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। कुछ ही देर में सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान प्रशासन और प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच काफी देर तक तनाव बना रहा। अधिकारियों ने लोगों को समझाने की कोशिश की और सड़क से हटने की अपील की। वहीं प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर कायम रहे। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने स्थिति बिगड़ने से रोकने के लिए निगरानी बढ़ा दी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अतिक्रमण हटाने से पहले प्रभावित परिवारों की समस्याओं को सुना जाना चाहिए। उनका आरोप है कि कार्रवाई से कई लोगों के सामने रहने और रोजमर्रा की जरूरतों को लेकर परेशानी खड़ी हो सकती है। दूसरी ओर, संबंधित विभाग की ओर से जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई किए जाने की बात सामने आई है।
HEC की जमीन पर अतिक्रमण का मुद्दा लंबे समय से विवाद का विषय रहा है। कंपनी की जमीन पर अवैध कब्जे हटाने को लेकर समय-समय पर अभियान चलाए जाते रहे हैं। ऐसे अभियानों के दौरान प्रशासन के सामने अतिक्रमण हटाने के साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती भी रहती है।
बुधवार की घटना के बाद इलाके में कुछ समय तक अफरातफरी का माहौल रहा। सड़क जाम के कारण आम लोगों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस और प्रशासन की टीम ने लोगों को शांत कराने और यातायात व्यवस्था सामान्य करने का प्रयास किया।
फिलहाल मौके की स्थिति और अतिक्रमण हटाने की आगे की कार्रवाई को लेकर प्रशासन की ओर से निगरानी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी, जबकि स्थानीय लोग अपनी आपत्तियों और मांगों को लेकर विरोध कर रहे हैं।