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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राज्य के युवाओं के कौशल को निखारने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। इस संदर्भ में आज शुक्रवार को रायपुर में चार महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ को 2047 तक विकसित राज्य बनाने के लिए युवाओं, महिलाओं और आदिवासियों पर फोकस करते हुए लगातार योजनाएं बनाई जा रही हैं। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

नीति-राज्य कार्यशाला श्रृंखला के राज्य सहायता मिशन के अंतर्गत युवाओं, महिलाओं और आदिवासी समुदायों के लिए कौशल विकास, रोजगार और आजीविका के अवसरों के विस्तार के लिए कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि

यह कार्यशाला बदलते समय की जरूरतों के लिए बहुत प्रासंगिक है। भारत एक युवा देश है और यदि युवाओं को उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार कौशल प्रशिक्षण मिले तो हम 'विकसित भारत' के लक्ष्य को शीघ्रता से प्राप्त कर सकेंगे। इस अवसर पर आज राज्य कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा विभाग द्वारा

उन्होंने नीति आयोग की महत्वाकांक्षी जिला पहल की प्रशंसा की और कहा कि इससे जनजातीय क्षेत्रों में बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि राज्य सहायता मिशन के बेहतर क्रियान्वयन से राज्य के युवाओं, महिलाओं और आदिवासी समुदाय को आजीविका हेतु प्रशिक्षण के माध्यम से रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं को कौशल प्रदान करके उन्हें रोजगार योग्य बनाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार वर्ष 2013 से कौशल विकास को तेजी से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आजीविका महाविद्यालय, आईटीआई की स्थापना और महिला स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने पर काम कर रही है। उन्होंने महिन्द्रा एंड महिन्द्रा कंपनी के साथ हुए समझौते की जानकारी देते हुए बताया कि इसके तहत राज्य के युवाओं को ट्रैक्टर उत्पादन की आधुनिक तकनीक सिखाई जाएगी। उन्होंने कहा कि इस पहल से बस्तर और सरगुजा क्षेत्र के ग्रामीण युवाओं और उनके परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इलेक्ट्रीशियन, प्लम्बर, मैकेनिक जैसे कौशल की मांग अधिक है, लेकिन कुशल जनशक्ति की उपलब्धता कम है। सरकार इन क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए एक व्यापक योजना तैयार कर रही है। उन्होंने महुआ, इमली, साल जैसे वन उत्पादों का मूल्य संवर्धन कर स्थानीय लोगों की आजीविका को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।