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पेंशन और रोजगार की मांगों को लेकर सड़कों पर आंदोलनकारी, झारखंड बंद का कितना असर?

 

 

झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा की ओर से बुधवार को बुलाए गए राज्यव्यापी बंद का कई जिलों में असर देखने को मिला। झारखंड आंदोलनकारियों, किसानों और मजदूरों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर कई जगह सड़कें जाम कर प्रदर्शन किया। रांची, पलामू, गिरिडीह, बोकारो, गुमला समेत कई जिलों में प्रदर्शनकारियों के सड़क पर उतरने से कुछ स्थानों पर यातायात प्रभावित हुआ। हालांकि, सभी जिलों में बंद का असर एक जैसा नहीं रहा।

आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में झारखंड आंदोलनकारियों को समान पेंशन, उनके पुत्र-पुत्रियों और आश्रितों को सरकारी नौकरी में सीधी नियुक्ति, सम्मान राशि तथा आंदोलनकारियों से जुड़ी अन्य मांगों को पूरा करना शामिल है। इसके अलावा विस्थापितों के पुनर्वास और उचित मुआवजे के लिए विस्थापन आयोग के गठन की मांग भी उठाई गई। आंदोलनकारियों ने सरकार से लंबे समय से लंबित मांगों पर ठोस कार्रवाई करने की अपील की।

रांची में आंदोलनकारियों ने अलबर्ट एक्का चौक पर सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। यहां कुछ देर तक यातायात प्रभावित रहा। बाद में पुलिस और प्रशासन के साथ बातचीत के बाद जाम हटाया गया। आंदोलनकारियों ने कहा कि उनका प्रदर्शन सरकार का ध्यान लंबित मांगों की ओर आकर्षित करने के लिए किया गया है।

पलामू में बंद का असर अपेक्षाकृत ज्यादा दिखाई दिया। मेदिनीनगर के रेड़मा चौक पर आंदोलनकारियों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन और नारेबाजी की। इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ आंदोलनकारी पारंपरिक तीर-धनुष लेकर भी प्रदर्शन में शामिल हुए।

गिरिडीह में भी पपरवाटांड़ स्थित पुराने टोल प्लाजा के पास गिरिडीह-डुमरी मुख्य मार्ग को जाम किया गया। सड़क पर प्रदर्शनकारियों के बैठने से कुछ समय के लिए वाहनों की आवाजाही बाधित रही। पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति सामान्य कराने का प्रयास किया। वहीं, राहे प्रखंड में बुंडू-राहे-सिल्ली मार्ग पर करीब छह घंटे तक जाम रहा और बाजार भी बंद रहा।

आंदोलनकारियों ने किसानों से जुड़ी मांगें भी उठाईं। इनमें 60 वर्ष से अधिक उम्र के किसानों को 10 हजार रुपये मासिक पेंशन देने और किसानों की कर्जमाफी की मांग शामिल है। इसके अलावा रोजगार, स्थानीय नीति, जल-जंगल-जमीन और खनिज संसाधनों में अधिकार से जुड़े मुद्दे भी प्रदर्शन के दौरान उठाए गए।

दूसरी ओर, कुछ जिलों में बंद का असर सीमित रहा। कोडरमा में बाजार सामान्य रूप से खुले रहे और लंबी दूरी की गाड़ियां भी चलती रहीं, हालांकि कुछ कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। इससे साफ रहा कि राज्यव्यापी बंद का प्रभाव अलग-अलग क्षेत्रों में अलग स्तर पर रहा।

आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को आगे और तेज किया जा सकता है। फिलहाल कई जिलों में प्रदर्शन के दौरान प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में यातायात को सामान्य कराने की कोशिश की गई।