गुमला में एसीबी की बड़ी कार्रवाई, चैनपुर थाना प्रभारी 30 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
झारखंड के गुमला जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए चैनपुर थाना प्रभारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। हैरानी की बात यह है कि थाना प्रभारी ने पदभार संभालने के महज चार दिन के भीतर ही रिश्वत मांगने और लेने की हद पार कर दी। इस कार्रवाई के बाद पूरे जिले में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, चैनपुर थाना प्रभारी पर एक मामले में मदद करने के एवज में 30 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप था। पीड़ित ने इसकी शिकायत एसीबी से की थी। शिकायत की सत्यता जांचने के बाद एसीबी ने जाल बिछाया और तय योजना के तहत थाना प्रभारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।
एसीबी की टीम ने जैसे ही थाना प्रभारी ने शिकायतकर्ता से रिश्वत की रकम ली, वैसे ही उसे मौके पर गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी अधिकारी के हाथ से रिश्वत की रकम बरामद की गई, जिस पर केमिकल पाउडर लगे होने की पुष्टि की गई है। इसके बाद एसीबी ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया।
इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में भी खलबली मच गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि थाना प्रभारी के पदभार संभालने के कुछ ही दिनों के भीतर इस तरह की शिकायत सामने आना बेहद चौंकाने वाला है। लोग इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी की सख्त कार्रवाई के तौर पर देख रहे हैं।
एसीबी अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि अगर कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत मांगता या लेता हुआ पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल गिरफ्तार थाना प्रभारी से पूछताछ की जा रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। वहीं, इस घटना के बाद चैनपुर थाना की जिम्मेदारी वैकल्पिक व्यवस्था के तहत किसी अन्य अधिकारी को सौंपी जा सकती है।
इस कार्रवाई को गुमला जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ा संदेश माना जा रहा है, जिससे आम लोगों में कानून व्यवस्था और प्रशासन के प्रति भरोसा मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।