झरिया में 24 वर्षीय अभिजीत सिंह की पीट-पीटकर हत्या, वारदात के बाद बाइक से कुचला सिर; इलाके में सनसनी
आठ लेन सड़क किनारे होटल पाम इन के पास 18 अक्तूबर की रात दो बजे कुछ युवकों ने झरिया के 24 वर्षीय अभिजीत सिंह की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी। दोस्त की बर्थडे पार्टी मनाने पहुंचे अभिजीत के सिर पर बाइक पटक कर उसका सिर कुचल दिया। उसका सारा सामान लूटकर फरार हो गए। इलाज के दौरान दुर्गापुर के मिशन अस्पताल में 19 अक्तूबर की सुबह अभिजीत ने दम तोड़ दिया। अभिजीत के पिता राज प्रकाश सिंह की शिकायत पर पुलिस इस मामले में बरमसिया के पांच युवकों सहित 20 अज्ञात पर हत्या की एफआईआर दर्ज की है।
झरिया लोअर राजबाड़ी रोड निवासी औ वर्तमान में गोविंदपुर केजी आश्रम के पास स्थित अपार्टमेंट में रहने वाले राज प्रकाश सिंह ने पुलिस को बताया कि 18 अक्तूबर की रात अभिजीत अपने 10 दोस्तों के साथ सुदामडीह लोको बाजार जीआरपी कॉलोनी निवासी दोस्त शुभम झा का जन्मदिन मनाने के लिए होटल पाम इन गया था। वहां उसके एक अन्य परिचित कार्मिक नगर के रहने वाले रौनक गुप्ता का भी जन्मदिन मनाया जा रहा था। रौनक और उसके दोस्त पार्टी मना कर वहां से निकल गए, लेकिन बरमसिया छठ तालाब शक्ति नगर के पास रहने वाला सूरज यादव वहीं रुक गया। सूरज पार्टी में आमंत्रित भी नहीं था। इसके बावजूद वह शुभम की पार्टी में जबरन शरीक हो गया। शुभम ने उसे वहां से जाने के लिए कहा। इस बात पर मामूली कहासुनी हुई, जिसके बाद सूरज बुरे परिणाम भुगतने की धमकी देकर वहां से चला गया।
बरमसिया से बुलाए 25 लड़के
होटल से निकलने के बाद सूरज ने फोन करके बरमसिया छठ तालाब शक्ति नगर निवासी अभिमन्यु उर्फ बौआ, बरमसिया शंकर नगर हनुमान मंदिर के पास रहने वाले शिवाकर कुमार, बरमसिया पार्क के पास स्थित त्रिमूर्ति सदन निवासी हर्ष, प्रशांत और 15-20 अन्य अज्ञात लड़कों को बुला लिया। सभी लाठी-डंडे और पत्थर लेकर होटल के बाहर घात लगाकर बैठ गए। जैसे ही अभिजीत किसी काम से होटल से बाहर निकला, आरोपियों ने उस पर हमला कर दिया। अभिजीत के दोस्तों ने बाहर आकर देखा कि सूरज और उसके साथी अभिजीत के सिर पर बाइक पटक रहे थे। दोस्तों को आते देख आरोपी भाग निकले। इससे पहले आरोपी अभिजीत का फोन, सोने की चेन, अंगूठी और ब्रेसलेट भी लूट ले गए। पुत्र के मारपीट में घायल होने की सूचना पर पिता राज प्रकाश सिंह कोयला कारोबारी हैं। वे 18 अक्तूबर को विंध्याचल जाने के लिए निकले थे। रास्ते में बेटे के मारपीट में घायल होने की सूचना पर वह धनबाद लौटे।